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इटावा : नौ माह तक इटावा में रहा था हबीबुल
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इटावा। फतेहपुर से गिरफ्तार किए गए जैश ए मोहम्मद संगठन के हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला का इटावा से जुड़ाव रहा है। 2019 में वह कटरा साहब खां स्थित मदरसे अरबिया कुरानिया में हिफ्ज की पढ़ाई करने आया था। यहां वह नौ महीने तक रुका था।
यह मदरसा 1938 से संचालित है। मदरसे के प्रबंधक तारिक शमशी ने बताया कि हबीबुल 16 जून 2019 को हिफ्ज का रिवीजन कोर्स करने आया था। उसके पिता जफरुल इस्लाम ने मदरसे की ख्याति सुनकर यहां दाखिला कराया था। हबीबुल यहां के हॉस्टल में रहता था। उसका पढ़ने में मन नहीं लगता था। कोरोना काल में घर चला गया। मार्च 2020 में वह यहां आया और सामान लेकर चला गया। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं है।
प्रबंधक ने बताया कि उनके मदरसे में बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी है। यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए मोबाइल प्रतिबंधित है। सप्ताह में एक दिन उनके परिवार वालों से बात कराई जाती है।
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उन्होंने बताया कि हिफ्ज का कोर्स करने वाले अमूमन छह से सात साल की उम्र के ही बच्चे होते हैं। प्रबंधक ने बताया कि यहां दाखिले के वक्त हबीबुल की उम्र 16 साल की थी।
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यह मदरसा 1938 से संचालित है। मदरसे के प्रबंधक तारिक शमशी ने बताया कि हबीबुल 16 जून 2019 को हिफ्ज का रिवीजन कोर्स करने आया था। उसके पिता जफरुल इस्लाम ने मदरसे की ख्याति सुनकर यहां दाखिला कराया था। हबीबुल यहां के हॉस्टल में रहता था। उसका पढ़ने में मन नहीं लगता था। कोरोना काल में घर चला गया। मार्च 2020 में वह यहां आया और सामान लेकर चला गया। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं है।
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प्रबंधक ने बताया कि उनके मदरसे में बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी है। यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए मोबाइल प्रतिबंधित है। सप्ताह में एक दिन उनके परिवार वालों से बात कराई जाती है।
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उन्होंने बताया कि हिफ्ज का कोर्स करने वाले अमूमन छह से सात साल की उम्र के ही बच्चे होते हैं। प्रबंधक ने बताया कि यहां दाखिले के वक्त हबीबुल की उम्र 16 साल की थी।