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भाई को कुल्हाड़ी मारने वाले को तीन साल की सजा
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इटावा। कुल्हाड़ी मारकर भाई को घायल करने के दोषी को कोर्ट ने तीन साल के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने दोषी भाई की पत्नी को दोषमुक्त कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि तीन साल पूर्व का यह मामला इकदिल थाना क्षेत्र के नगला परमंदी गांव का है। गांव निवासी सगे भाई उम्मेद सिंह पुत्र सरनाम सिंह ने कुल्हाड़ी से प्रहार करके उमेश सिंह को घायल कर दिया था।
वादी उमेश सिंह ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 सितंबर 2016 को जब वह घर के दरवाजे पर बैठा था। इसी दौरान उम्मेद सिंह व अन्य लोग वहां से गुजरे। उसने उम्मेद सिंह से कहा कि जो खेत उसने (उम्मेद) बेचा है, उसमें उसका भी हिस्सा है।
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इसी बात पर उम्मेद व अन्य लोग गालियां देने लगे। हाथ में कुल्हाड़ी लिए उम्मेद उसे मारने दौड़ा तो वह घर के अंदर घुस गया। उम्मेद ने घर में घुसकर कुल्हाड़ी से मारा। इसमें उसके दाहिने हाथ का अगूंठा कटकर गिर गया। सिर पर भी चोटें आईं। पुलिस ने उम्मेद सिंह व उसकी पत्नी प्रेमलता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया।
इस मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार चतुर्वेदी ने पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 8 डॉ. विजय कुमार ने साक्ष्यों व गवाहों को देखने व सुनने के बाद उम्मेद सिंह को दोषी पाया। उसकी पत्नी प्रेमलता को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने गुरुवार को दोषी उम्मेद सिंह को तीन वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि तीन साल पूर्व का यह मामला इकदिल थाना क्षेत्र के नगला परमंदी गांव का है। गांव निवासी सगे भाई उम्मेद सिंह पुत्र सरनाम सिंह ने कुल्हाड़ी से प्रहार करके उमेश सिंह को घायल कर दिया था।
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वादी उमेश सिंह ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 सितंबर 2016 को जब वह घर के दरवाजे पर बैठा था। इसी दौरान उम्मेद सिंह व अन्य लोग वहां से गुजरे। उसने उम्मेद सिंह से कहा कि जो खेत उसने (उम्मेद) बेचा है, उसमें उसका भी हिस्सा है।
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इसी बात पर उम्मेद व अन्य लोग गालियां देने लगे। हाथ में कुल्हाड़ी लिए उम्मेद उसे मारने दौड़ा तो वह घर के अंदर घुस गया। उम्मेद ने घर में घुसकर कुल्हाड़ी से मारा। इसमें उसके दाहिने हाथ का अगूंठा कटकर गिर गया। सिर पर भी चोटें आईं। पुलिस ने उम्मेद सिंह व उसकी पत्नी प्रेमलता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया।
इस मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार चतुर्वेदी ने पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 8 डॉ. विजय कुमार ने साक्ष्यों व गवाहों को देखने व सुनने के बाद उम्मेद सिंह को दोषी पाया। उसकी पत्नी प्रेमलता को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने गुरुवार को दोषी उम्मेद सिंह को तीन वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।