फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Conviction of culpable homicide changed to murder

हत्या में बदला केस, विवेचक भी बदला गया

Sat, 06 Jun 2020 09:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2020 09:42 PM IST
विज्ञापन
Conviction of culpable homicide changed to murder
फोटो संख्या 14 अमर उजाला अखबार की खबर का असर - फोटो : ETAWHA
शहर कोतवाली क्षेत्र के सती मोहल्ले में हुई युवक की गला रेतकर हत्या के मामले में खेल कर रही पुलिस शनिवार को बैकफुट पर आ गई।
विज्ञापन

अमर उजाला में प्रमुखता से खबर छपने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को गैर इरादतन हत्या के केस को हत्या की धारा-302 में तरमीम किया गया। अफसरों का कहना है कि थाने के मुंशी की गलती से युवक की मौत के बाद ऐसा हुआ।
हलांकि अफसरों ने इस खेल को भंापते हुए केस की विवेचना दरोगा नीरज शर्मा से इंस्पेक्टर क्राइम हामिद सिद्दकी को सौंप दी है। कोतवाली क्षेत्र के सती मोहल्ला में 2 जून की रात घर के अंदर 20 साल के दीपक की मूसल से सिर कूचने के बाद धारदार हथियार से गर्दन रेतकर हत्या की गई थी।
विज्ञापन

वारदात के कुछ देर बाद दीपक की बहन शशि ने कोतवाली पहुंचकर भाई की हत्या करने का गुनाह कुबूल किया था। आरोप लगाया था कि बुरी नीयत रखने की वजह से उसने भाई को मारा है। पुलिस ने घायल अवस्था में दीपक को अस्पताल पहुंचाकर पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसकी मौत के बाद 3 जून को हत्या की बजाय गैर इरादतन हत्या की धारा-304 में केस को तरमीम कर दिया। जांच कर रहे पुलिस कर्मियों ने आशंका जताई कि दीपक की हत्या में शशि के साथ कोई और भी शामिल है। बावजूद इसके गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
अमर उजाला ने पुलिस के इस खेल को उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की तो अफसर हरकत में आए। शनिवार को एसएसपी आकाश तोमर की फटकार पर पुलिस ने हत्या की धारा-302 में केस को तरमीम किया।
पुलिस हत्या में बहन शशि के अलावा अन्य किसी के शामिल होने का अंदेशा जता रही है। शशि के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाने के साथ ही पुलिस कुछ महीने पूर्व की कॉल डिटेल का भी पता लगाने में जुटी है।

पता लगाया जा रहा है कि घटना वाले दिन शशि की किससे बातचीत हुई थी। पुलिस यह भी पता कर रही है कि शशि की फोन पर किससे ज्यादा बातचीत होती थी।
हत्या का यह मुकदमा धारा 307 से 302 में तरमीम किया गया है। हत्यारोपी युवती ने भाई पर जो आरोप लगाया है उसकी भी जांच की जा रही है। यदि विवेचना में आरोप साबित हुआ तो धारा 302 प्रभावी नहीं होगी। आकाश तोमर, एसपी इटावा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed