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चुनावी रंजिश में हत्या के आरोपी को पांच साल बाद सजा
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इकदिल थाना क्षेत्र के मुसावली ग्राम पंचायत में 2015 में प्रधानी के चुनाव के दौरान हुई गैरइरादतन हत्या के मामले में सोमवार को कोर्ट ने दोषी को आठ साल की सजा सुनाई गई। दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत मुसावली निवासी राजेश कुमार पुत्र प्रेमशंकर चौधरी ने मामला दर्ज कराया था।
इसमें बताया था कि इकदिल की ग्राम पंचायत मुसावली में वर्ष 2015 में प्रधान पद के लिए उसके पिता प्रेमशंकर चौधरी चुनाव लड़े थे। मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग को रोकने की वजह से गांव के रामशरन उर्फ गब्बर से भाई दुर्गेश की कहासुनी हो गई थी।
इस पर रामशरन ने चुनाव बाद देख लेने की धमकी दी थी। इसी रंजिश की वजह से 16 दिसंबर 2015 की सुबह 7.30 बजे जब दोनों भाई खेतों पर शौचक्रिया के लिए जा रहे थे तभी पहले से घात लगाए बैठे रामशरन उर्फ गब्बर, प्रदीप कुमार, विवेक कुमार उर्फ कल्लू व एक अज्ञात ने दुर्गेश को घेर लिया और गालियां देने लगे।
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इसी बीच प्रदीप ने अपने हाथ में पकड़ी लाठी से दुर्गेश के सिर पर मार दी। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। शोरगुल सुनकर गांव के मोहनचंद्र चौधरी समेत अन्य लोग आ गए तो हमलावर धमकी देते हुए भाग गए।
दुर्गेश की हालत गंभीर होने पर आगरा में भर्ती कराया गया। दस दिन बाद उपचार के दौरान दुर्गेश (30) ने दम तोड़ दिया। इकदिल थाना पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों को नामित कर एक अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
इसमें प्रदीप कुमार तिवारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया गया। जबकि, अन्य लोगों के घटना में संलिप्त होने पर कोई साक्ष्य न पाए जाने पर बरी कर दिया गया। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक सतीश राठौर ने 29 दिसंबर 2015 को प्रदीप तिवारी को ग्राम मुसावली से मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में उसने डंडे से प्रहार करने की बात स्वीकार की और आरोपी के घर से डंडा भी बरामद कर लिया गया।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी ने अभियोजन व आरोपी पक्ष की दलीलें और गवाहों के बयान के आधार पर प्रदीप प्रदीप कुमार तिवारी को दोषी पाया और उसे आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
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शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत मुसावली निवासी राजेश कुमार पुत्र प्रेमशंकर चौधरी ने मामला दर्ज कराया था।
इसमें बताया था कि इकदिल की ग्राम पंचायत मुसावली में वर्ष 2015 में प्रधान पद के लिए उसके पिता प्रेमशंकर चौधरी चुनाव लड़े थे। मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग को रोकने की वजह से गांव के रामशरन उर्फ गब्बर से भाई दुर्गेश की कहासुनी हो गई थी।
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इस पर रामशरन ने चुनाव बाद देख लेने की धमकी दी थी। इसी रंजिश की वजह से 16 दिसंबर 2015 की सुबह 7.30 बजे जब दोनों भाई खेतों पर शौचक्रिया के लिए जा रहे थे तभी पहले से घात लगाए बैठे रामशरन उर्फ गब्बर, प्रदीप कुमार, विवेक कुमार उर्फ कल्लू व एक अज्ञात ने दुर्गेश को घेर लिया और गालियां देने लगे।
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इसी बीच प्रदीप ने अपने हाथ में पकड़ी लाठी से दुर्गेश के सिर पर मार दी। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। शोरगुल सुनकर गांव के मोहनचंद्र चौधरी समेत अन्य लोग आ गए तो हमलावर धमकी देते हुए भाग गए।
दुर्गेश की हालत गंभीर होने पर आगरा में भर्ती कराया गया। दस दिन बाद उपचार के दौरान दुर्गेश (30) ने दम तोड़ दिया। इकदिल थाना पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों को नामित कर एक अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
इसमें प्रदीप कुमार तिवारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया गया। जबकि, अन्य लोगों के घटना में संलिप्त होने पर कोई साक्ष्य न पाए जाने पर बरी कर दिया गया। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक सतीश राठौर ने 29 दिसंबर 2015 को प्रदीप तिवारी को ग्राम मुसावली से मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में उसने डंडे से प्रहार करने की बात स्वीकार की और आरोपी के घर से डंडा भी बरामद कर लिया गया।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी ने अभियोजन व आरोपी पक्ष की दलीलें और गवाहों के बयान के आधार पर प्रदीप प्रदीप कुमार तिवारी को दोषी पाया और उसे आठ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।