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यमुना में डूबे ठेकेदार व युवक का नहीं चला पता
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इटावा। जिले में यमुना नदी में डूबे ठेकेदार व दिव्यांग युवक का अभी तक सुराग नहीं मिला है। पीएसी, एनडीआरएफ और प्राइवेट गोताखोरों ने मंगलवार को भी दोनों युवकों की नदी में खोज की, लेकिन दिन शाम तक हाथ कुछ नहीं लगा।
पांच सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के लालपुरा अस्तल चौराहा निवासी अक्षय कुशवाहा उर्फ मोनू नदी में छलांग लगा दी थी। तब से लेकर मंगलवार की देर शाम तक नदी में पीएसी के गोताखोर और निजी गोताखोरों ने उसकी तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला।
रविवार की देर शाम खोजबीन में पुलिस व प्रशासन की अनदेखी का आरोप लगा परिजनों के सड़क जाम पर हंगामा भी किया था। उसके बाद एटा से पीएसी की टीम बुलाई गई थी।
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पिछले 48 घंटे से मोटर बोट व जाल डालकर टीम मोनू की तलाश कर रही है। थाना प्रभारी टीपी वर्मा ने बताया कि ठेकेदार की तलाश में नदी में अभियान चौथे दिन भी लगातार चलता रहा।
उन्होंने आशंका व्यक्त की कि नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण शव या तो बह गया है या फिर उसे जलीय जीवों ने अपना शिकार बना लिया। इस वजह से उसका कोई पता नहीं लग सका है।
शव अगर कहीं फंसा होता, तो अब तक फूलकर उसे ऊपर आ जाना चाहिए था। उधर, लवेदी थाना क्षेत्र के लखनपुर घार गांव में यमुना में डूबे दिव्यांग ऊधम सिंह का भी अभी तक पता नहीं चला है।
दिवाली की भाई दूज के दिन ऊधम नदी के किनारे शौच के लिए गया था। उसके बाद से लापता है। नदी के किनारे पैरों के निशान देख कर परिजनों ने उसके नदी गिरने की आशंका जताई थी।
इसके बाद से पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ऊधम की नदी में तलाश कर रही है, लेकिन मंगलवार देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला।
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पांच सितंबर को कोतवाली क्षेत्र के लालपुरा अस्तल चौराहा निवासी अक्षय कुशवाहा उर्फ मोनू नदी में छलांग लगा दी थी। तब से लेकर मंगलवार की देर शाम तक नदी में पीएसी के गोताखोर और निजी गोताखोरों ने उसकी तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला।
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रविवार की देर शाम खोजबीन में पुलिस व प्रशासन की अनदेखी का आरोप लगा परिजनों के सड़क जाम पर हंगामा भी किया था। उसके बाद एटा से पीएसी की टीम बुलाई गई थी।
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पिछले 48 घंटे से मोटर बोट व जाल डालकर टीम मोनू की तलाश कर रही है। थाना प्रभारी टीपी वर्मा ने बताया कि ठेकेदार की तलाश में नदी में अभियान चौथे दिन भी लगातार चलता रहा।
उन्होंने आशंका व्यक्त की कि नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण शव या तो बह गया है या फिर उसे जलीय जीवों ने अपना शिकार बना लिया। इस वजह से उसका कोई पता नहीं लग सका है।
शव अगर कहीं फंसा होता, तो अब तक फूलकर उसे ऊपर आ जाना चाहिए था। उधर, लवेदी थाना क्षेत्र के लखनपुर घार गांव में यमुना में डूबे दिव्यांग ऊधम सिंह का भी अभी तक पता नहीं चला है।
दिवाली की भाई दूज के दिन ऊधम नदी के किनारे शौच के लिए गया था। उसके बाद से लापता है। नदी के किनारे पैरों के निशान देख कर परिजनों ने उसके नदी गिरने की आशंका जताई थी।
इसके बाद से पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ऊधम की नदी में तलाश कर रही है, लेकिन मंगलवार देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला।