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Etawah News: लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन की खरीद में मुआवजे का रोड़ा

Mon, 23 Feb 2026 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:49 PM IST
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Compensation is a hurdle in the purchase of land for the Link Expressway.
ताखा। यूपीडा के प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए ताखा क्षेत्र में भूमि खरीद प्रक्रिया पिछले एक माह से किसानों के विरोध के कारण अटकी हुई है। किसान उचित मुआवजे की दर न मिलने का आरोप लगाते हुए जमीन का बैनामा करने से साफ इन्कार कर रहे हैं।
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यह लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा और ताखा के कुदरैल गांव में किलोमीटर 133 पर जुड़ेगा। परियोजना के तहत ताखा क्षेत्र में लगभग 87 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है लेकिन अब तक प्रशासन केवल सात-आठ हेक्टेयर ही खरीद सका है।
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सोमवार को कुदरैल गांव में एडीएम न्यायिक संदीप कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम श्वेता मिश्रा और तहसीलदार जावेद अंसारी ने किसानों से वार्ता की पर किसान अपने रुख पर कायम रहे। किसानों का तर्क है कि स्टांप शुल्क हाईवे की दर से लिया जा रहा है जबकि मुआवजा लिंक मार्ग की दर से दिया जा रहा है जो गलत है।
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उन्होंने यह भी मांग की कि कुदरैल को विकसित गांव मानते हुए सवा बीघा से कम जमीन का मुआवजा प्लॉट (वर्गमीटर) के रूप में दिया जाए, न कि खेत के रूप में। किसानों ने स्पष्ट किया कि 70 फीसदी भूमि सहमति से खरीदने और तय मानकों के अनुसार उचित मुआवजा मिलने पर ही वे बैनामा करेंगे। तहसीलदार जावेद अंसारी ने बताया कि किसानों की मांगों पर अध्ययन किया जा रहा है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।



पुरैला गांव में लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए लगभग 25 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया सर्किल रेट में अंतर के कारण धीमी पड़ गई है। किसान सर्किल रेट में संशोधन न होने तक जमीन का बैनामा करने से इन्कार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कुदरैल में सर्किल रेट 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, जबकि पुरैला में यह दर 18 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इस अन्यायपूर्ण अंतर के विरोध में किसानों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। उनका स्पष्ट रुख है कि जब तक सर्किल रेट में संशोधन नहीं होगा वे जमीन का बैनामा नहीं करेंगे। प्रशासन और किसानों के बीच सहमति बनने के बाद ही परियोजना को गति मिल पाएगी।
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