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समितियां अब बेचेंगी पशु आहार, जमा करेंगी बिल
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बकेवर। अब सहकारी समितियों पर बिजली के बिल भी जमा होंगे और पशुपालकों को पशु आहार भी बेचा जाएगा। विभाग ने समितियों पर ई-वॉयलेट दे दिए हैं। शासनादेश के बाद जनपद की समितियों ने लोगों के बिजली के बिल जमा करना शुरू कर दिया है।
किसान सेवा सहकारी समितियों पर किसानों को केवल खाद बीज ही नहीं मिलेगा, बल्कि बिजली के बिल भी जमा हो सकेंगे। पशुपालकों को पशु आहार भी सहकारी समितियां बेचेंगी। प्रदेश सरकार ने पिछले माह यह व्यवस्था लागू कर दी है।
सहकारी समितियों पर खाद और बीज की बिक्री के बाद अन्य समय में कोई अधिक कार्य न होने से समितियों के कर्मचारी खाली बैठे रहते थे। अब पूरे वर्ष भर ही सहकारी समितियों की आय बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
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जनपद में 65 किसान सहकारी समितियां हैं। जिनमें सभी संचालित नही हैं। बिजली बिल जमा करने की व्यवस्था तो सभी सक्रिय समितियों पर हो गयी है। पशु आहार बिक्री की व्यवस्था अभी मात्र कुछ समितियों पर ही शुरू हुई है।
निबंधक सहकारी समितियां सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि सहकारी समितियों पर बिजली के बिल जमा करने और पशु आहार की बिक्री करने की व्यवस्था का आदेश जारी किया गया था।
जनपद की 49 सक्रिय सहकारी समितियों पर बिजली के बिल जमा होने लगे हैं, जबकि पशु आहार की बिक्री की शुरुआत अभी 12 समितियों पर हुई है।
यह होगा तरीका---
किसान सहकारी समितियां अपने प्रबंधकीय व्यय खाते से जितनी धनराशि बिजली विभाग के खाते में जमा करेंगी। उतने ही धनराशि के उपभोक्ताओं के बिजली के बिल जमा कर सकेंगी।
पशु आहार की बिक्री के लिए अलग से समिति की ऋण सीमा पास होकर बैंक लिमिट बनेगी, जिससे वे लिमिट के तहत पशु आहार मंगवाकर बेचकर बैंक का पैसा जमा किया करेंगे। इस क्रम से ही लगातार पशु आहार सहकारी समितियां बेचेंगी।
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किसान सेवा सहकारी समितियों पर किसानों को केवल खाद बीज ही नहीं मिलेगा, बल्कि बिजली के बिल भी जमा हो सकेंगे। पशुपालकों को पशु आहार भी सहकारी समितियां बेचेंगी। प्रदेश सरकार ने पिछले माह यह व्यवस्था लागू कर दी है।
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सहकारी समितियों पर खाद और बीज की बिक्री के बाद अन्य समय में कोई अधिक कार्य न होने से समितियों के कर्मचारी खाली बैठे रहते थे। अब पूरे वर्ष भर ही सहकारी समितियों की आय बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
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जनपद में 65 किसान सहकारी समितियां हैं। जिनमें सभी संचालित नही हैं। बिजली बिल जमा करने की व्यवस्था तो सभी सक्रिय समितियों पर हो गयी है। पशु आहार बिक्री की व्यवस्था अभी मात्र कुछ समितियों पर ही शुरू हुई है।
निबंधक सहकारी समितियां सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि सहकारी समितियों पर बिजली के बिल जमा करने और पशु आहार की बिक्री करने की व्यवस्था का आदेश जारी किया गया था।
जनपद की 49 सक्रिय सहकारी समितियों पर बिजली के बिल जमा होने लगे हैं, जबकि पशु आहार की बिक्री की शुरुआत अभी 12 समितियों पर हुई है।
यह होगा तरीका---
किसान सहकारी समितियां अपने प्रबंधकीय व्यय खाते से जितनी धनराशि बिजली विभाग के खाते में जमा करेंगी। उतने ही धनराशि के उपभोक्ताओं के बिजली के बिल जमा कर सकेंगी।
पशु आहार की बिक्री के लिए अलग से समिति की ऋण सीमा पास होकर बैंक लिमिट बनेगी, जिससे वे लिमिट के तहत पशु आहार मंगवाकर बेचकर बैंक का पैसा जमा किया करेंगे। इस क्रम से ही लगातार पशु आहार सहकारी समितियां बेचेंगी।