{"_id":"5d7a8f5f8ebc3e0159663eea","slug":"chambal-etawha-news-knp5132109141","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबल नदी ने फिर पार किया खतरे का निशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबल नदी ने फिर पार किया खतरे का निशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोडे़ जाने के बाद गुरुवार को चंबल नदी का जलस्तर एक बार फिर से खतरे के निशान (119मीटर) को पार कर 121.60 मीटर पर पहुंच गया है। आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है। चंबल नदी में जलस्तर के खतरे का निशान 119 मीटर पर है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी शहजादे खान ने बताया कि नदी में पानी आने के बाद जलस्तर गुरुवार की शाम को 121.60 पर पहुंच गया है।
खतरे के निशान से बह रही नदी के बाद आस पास रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। उन्होंने बताया कि रात के समय जलस्तर में गिरावट आएगी लेकिन, शुक्रवार को कोटा बैराज से करीब 2 क्यूसेक पानी छोड़ने के कारण शुक्रवार की शाम को फिर से नदी में जलस्तर में बढ़ोतरी हो जाएगी।
विज्ञापन
चकरनगर क्षेत्र में चंबल नदी में जलस्तर बढ़ने से हरौली, भरेह, नीमा डांडा के किसान फसलों को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इसी तरह से जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो इससे फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
पूर्व प्रधान व सहकारी समिति के अध्यक्ष हेरुद्ध सिंह सेंगर ने बांध से पानी धीरे-धीरे छोड़ा जाना चाहिए ताकि कोई नुकसान न हो। उपजिलाधिकारी चकरनगर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बाढ़ से अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन पूरी तरह से नजर रखे हुए है।
विज्ञापन
चंबल नदी में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है। चंबल नदी में जलस्तर के खतरे का निशान 119 मीटर पर है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी शहजादे खान ने बताया कि नदी में पानी आने के बाद जलस्तर गुरुवार की शाम को 121.60 पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
खतरे के निशान से बह रही नदी के बाद आस पास रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। उन्होंने बताया कि रात के समय जलस्तर में गिरावट आएगी लेकिन, शुक्रवार को कोटा बैराज से करीब 2 क्यूसेक पानी छोड़ने के कारण शुक्रवार की शाम को फिर से नदी में जलस्तर में बढ़ोतरी हो जाएगी।
विज्ञापन
चकरनगर क्षेत्र में चंबल नदी में जलस्तर बढ़ने से हरौली, भरेह, नीमा डांडा के किसान फसलों को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इसी तरह से जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो इससे फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
पूर्व प्रधान व सहकारी समिति के अध्यक्ष हेरुद्ध सिंह सेंगर ने बांध से पानी धीरे-धीरे छोड़ा जाना चाहिए ताकि कोई नुकसान न हो। उपजिलाधिकारी चकरनगर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बाढ़ से अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन पूरी तरह से नजर रखे हुए है।