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बीएसए दफ्तर पर ताला डाला, लगाया जाम
ब्यूरो अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 09 Nov 2015 10:47 PM IST
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समायोजित शिक्षामित्रों ने सोमवार को वेतन की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान महिला शिक्षामित्र के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए लिपिक के साथ पहले धक्का मुक्की की। बात बढ़ने पर उसकी जमकर पिटाई की। बाद में गुस्साए शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर ताला डाल दिया।
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शाम तक किसी अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने ओवरब्रिज पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने पहले समझाया, बात न बनने पर जाम लगाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी। इसके बाद शिक्षामित्र बैकफुट पर आए और जाम खत्म हुआ।
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आदर्श वेलफेयर एसोसिएशन के बैनरतले सोमवार को बड़ी संख्या में समायोजित शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। समायोजन निरस्त होने से पहले किए गए शिक्षण कार्य का वेतन दिलाने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। बेसिक शिक्षाधिकारी व लेखाधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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इसी दौरान यहां मौजूद कनिष्ठ लिपिक पवन सक्सेना से शिक्षामित्रों की वेतन बिल पर लेखाधिकारी से हस्ताक्षर न कराने की बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी बीच महिला शिक्षामित्र से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिक्षामित्रों ने उसकी पिटाई कर दी।
इसके बाद वेतन न मिलने से गुस्साए शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में ताला डाल दिया और मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची चौकी पुलिस के समझाने के बाद भी शिक्षामित्र नहीं माने और लगभग डेढ़ घंटे तक कर्मचारी कार्यालय में बंद रहे। एसडीएम के जल्द मौके पर आने की सूचना पर शिक्षामित्रों ने कार्यालय का ताला खोल दिया और उनके आने का इंतजार करने लगे।
शाम तक किसी अधिकारी के न पहुंचने पर शिक्षामित्र फिर से भड़क उठे और कार्यालय से बाहर आकर ओवरब्रिज पर जाम लगा दिया। जाम से सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गईं। जाम की सूचना मिलने पर सीओ सिटी शिवराज सिंह व शहर कोतवाल विनोद यादव पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और जाम लगाने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी।
तब जाकर शिक्षामित्रों के तेवर ढीले पड़े और जाम खत्म हुआ। हंगामा कर रहे शिक्षामित्रों की मांग थी दीवाली के पर्व को ध्यान में रखते हुए उन्हें शिक्षण कार्य अवधि का वेतन दिया जाए। मालूम हो कि हंगामे के दौरान कार्यालय पर न तो बीएसए जेपी राजपूत मौजूद थे और ना ही लेखाधिकारी हरीश्चंद्र यादव। बताया गया कि बीएसए किसी कार्य से लखनऊ गए हुए हैं और लेखाधिकारी की मुरादाबाद में तैनाती होने के कारण वह मुरादाबाद में हैं। उन पर इटावा का अतिरिक्त कार्यभार है।