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छह जोनल, 25 सेक्टर मजिस्ट्रेट करेंगे निगरानी

Wed, 11 Feb 2015 12:01 AM IST
Updated Wed, 11 Feb 2015 12:01 AM IST
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Board Exam? six zonal and 25 sector Magistrate will monitoring

माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं सख्ती के बीच होंगी। इसके लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। परीक्षाओं क ो नकलविहीन कराने के लिए जिले में छह जोनल मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं।

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इसके अलावा विभिन्न विभागाें के 25 राजपत्रित अधिकारियों क ो सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी दी गई है। 98 में से 16 केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। सभी जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा के दौरान भ्रमण पर रहेंगे।
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सेक्टर मजिस्ट्रेटों को परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर पहुुंचकर प्रधानाचार्यों से फीडबैक लेने के लिए कहा गया है। जीआईसी में मंगलवार को हुई प्रधानाचार्यो की बैठक में जिलाधिकारी ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।
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जीआईसी में आयोजित तैयारी बैठक में डीएम डा. नितिन बंसल ने कहा कि परीक्षाओं की सुचिता बनाएं रखने की नैतिक जिम्मेदारी प्रधानाचार्योें की है। बाहरी तत्वों से सुरक्षा दिलाने का वादा मैं करता हूं। अंदर व्यवस्थाएं बनाने का वादा प्रधानाचार्यों को करना होगा।

सचल दल तब तक प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकते तब तक प्रधानाचार्य प्रभावी नहीं होंगे। डीएम ने कहा कि फस्ट इंपरेशन इज द लास्ट इंपरेशन। यदि आप पहले दिन से ब्लैक बोर्ड पर नकल कराने लगे तो भगवान भी कुछ नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या है तो जोनल मजिस्ट्रेट को बताए, मुझे सीधे या फिर एडीएम को मोबाइल पर अवगत कराएं। नकल का भरोसा वही करता है जिसे केवल पास होना होता है। डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि वह सभी केंद्रों का भ्र्रमण कर लें।

प्रधानाचार्यों तथा थानाध्यक्ष के साथ बैठक कर लें। फीडबैक के आधार पर आराजकतत्वों को चिह्नित कर लें। एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि आप लोगों की जिम्मेदारी आंतरिक मजबूती करने की है। यदि कोई समस्या आती है तो दस मिनट के भीतर कम से कम दस गाड़ियां मदद के लिए पहुंच जाएंगी।

इटावा में तीन साल का अनुभव कहता है कि इटावा के लोग नकल का सहारा लेने के आदी नहीं हैं। एएसपी सर्वानंद सिंह ने कहा कि  इटावा जिला वीआईपी है, वीआईपी मूवमेंट रहने से फोर्स की समस्या रहती है। फिर भी ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को आत्ममंथन करना होगा कि आखिर ऐसी परिस्थितियां बनती ही क्यों है कि सुरक्षा की आवश्यकता हो। इस अवसर पर डीआईओएस डॉ. देवेंद्र प्रताप ने बोर्ड परीक्षा कराने के लिए की गई तैयारियां का खाका डीएम के सामने रखा।

वहीं बीएसए जेपी राजपूत ने कहा कि परीक्षा के लिए जितने प्राथमिक शिक्षकाें की आवश्यकता हो उतने को ही ज्वाइन कराएं, शेष को रिलीव कर दें ताकि प्राथमिक शिक्षा पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। बैठक में एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र, डायट प्राचार्य ओपी सिंह, प्रधानाचार्य जीआईसी कमलेश पांडेय सहित बनाए गए केंद्रों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहें।

किसी ने बिजली तो किसी ने रखी सुरक्षा की समस्या
जीजीआईसी की प्रधानाचार्या रुखसाना परवीन ने परीक्षाओं के दौरान उनके विद्यालय में रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था कराए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि विद्यालय के कई कमरों में सुबह अंधेरा रहता है। बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जाए कि परीक्षाओं के समय पावरकट न हो।

इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद की जाए। छात्राओं के केंद्र पर महिला पुलिस तैनात की जाए। जवाहर इंटर कालेज चकरनगर के प्रधानाचार्य अरुण कुमार दुबे ने कहा पेपर की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी समय पर नहीं पहुंचते। परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत न होने के कारण असामाजिक तत्व हावी रहते हैं। सुरक्षा दी जाए तो परीक्षा में पवित्रता रहेगी। हिंदू विद्यालय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद ने भी परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

2000 प्राथमिक शिक्षकों की लगेगी बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी
बीएसए जेपी राजपूत ने बताया कि हमने डिमांड के आधार पर दो हजार प्राथमिक शिक्षकों की परीक्षाओं में ड्यूटी लगा दी है। अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाने के कारण ज्यादा शिक्षकों को दे पाना संभव नहीं है। फिर भी यदि कोई परेशानी आती है तो प्रधानाचार्य सीधे मुझसे संपर्क  कर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ज्यादा शिक्षक मांगे गए तो प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य चौपट होने की आशंका है।


और क्या होगा बोर्ड परीक्षा में
यदि कोई परीक्षार्थी 30 मिनट तक की देरी से आता तो उसे परीक्षा शामिल कर लिया जाएगा।
प्रवेश पत्र के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं चेक कर लें पर्यवेक्षक।
15 मिनट का समय पेपर पढ़ने के लिए दिया जाता है, यदि कोई छात्र इस दौरान हल करने लगता है तो उसे रोका न जाए।
पर्यवेक्षक रिलीवर आने के बाद ही कक्ष छोड़ें, अन्यथा पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
अंत में पांच मिनट रह जाने पर दरवाजे बंद कर लें, सभी पुस्तिकाएं जमा हो जाने के बाद ही छात्रों को जाने दें
उत्तर पुस्तिका गायब हुई तो पर्यवेक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
एक कमरें में बार-बार एक ही शिक्षक की ड्यूटी न लगाई जाए।
दृष्टि बाधित परीक्षार्थियाें को 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
हाथ में फ्रैक्चर होने पर उसी स्तर का राईटर दिया जाएगा।
सभी पर्यवेक्षकों को परिचय पत्र दिए जा रहे हैं, ड्यूटी के दौरान गले में डालकर रखना होगा।
एक ही विद्यालय के छात्रों को लगातार न बैठाया जाए।
11 फ रवरी से केंद्रों पर पेपर पहुंचना शुरू हो जाएंगे।

कंट्रोल रूम स्थापित
बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। जिसका नंबर 05688-255453 रखा गया है। प्रथम प्रभारी के  रूप में विजय सिंह यादव रहेंगे। उनका मोबाइल नंबर 9058805135 है। इनके अलावा देवेंद्र को उनके मोबाइल नंबर 9997623816 पर ही जानकारी दी जा सकती है। द्वितीय अधिकारी के रूप में रामकृपाल यादव को रखा गया है। उनका मोबाइल 9456251660 है तथा उनके सहयोगी योगेश पांडेय का मोबाइल 9897055935 है। परीक्षा समाप्ति तक महादेव का मोबाइल 9457009790 तथा सहयोगी योगेश तोमर का मोबाइल 9412528771 है। इसके अलावा डीआईओएस देवेंद्र प्रताप के  मोबाइल नंबर 9454457396 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

कुल परीक्षार्थी - 52182
छात्राओं की संख्या - 24919
कुल परीक्षा केंद्र - 98
सहायता प्राप्त विद्यालय - 45
वित्तविहीन विद्यालय - 47
सरकारी विद्यालय - 06
संवेदनशील केंद्र - 16

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