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भोजपुरी गीत, नाटक एवं फैशन शो ने मोहा सबका मन
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 14 May 2016 12:24 AM IST
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सैफई के रिम्स में केके काटकर अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग डे मनाते निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी. प्रभाकर।
- फोटो : अमर उजाला
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उप्र ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग डे मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ के अतिरिक्त संकाय मेंबर तथा नर्सिंग छात्र- छात्राओं ने भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वालों को निदेशक तथा अन्य अतिथियों ने स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर इंचार्ज आफ द ईयर जितेंद्र शर्मा तथा उत्कृष्ट वार्ड का खिताब महिला वार्ड को दिया गया।
मुख्य कार्यक्रमों की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति के अतिरिक्त लोकगीत, भोजपुरी गीत तथा नाटक व फैशन शो प्रमुख आकर्षण के केंद्र रहे। इसके अतिरिक्त अन्य प्रस्तुतियों ने लोगों को बांधे रखा। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग स्टाफ मनोज तीर्थानी, प्रतिष्ठा पांडेय तथा चारूल ने किया। कार्यक्रम में गिरीश, रेखा यादव, सुरेश तथा दानिश आदि ने अपनी प्रस्तुति दी।
उद्बोधन में संस्थान निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी. प्रभाकर ने नर्सिंग सेवा के बुनियादी नियमों, जिसमें सेवाभाव, त्याग, सौम्यता व मानवीय संवेदना को नर्सिंग सेवा के लिए आवश्यक माना। उन्होंने कहा कि बिना नर्सिंग स्टाफ के अस्पताल की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपने अस्तित्व काल से ही यह प्रोफेशन विनम्रता, सेवा तथा करुणा का अद्भुत संयोजन रहा है।
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नर्सिंग अधीक्षिका लवली जेम्स ने इस वर्ष के थीम नर्सेस फोर्स फोर चेंज, हेल्थ सिस्टम रिजिलियन्स पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक नर्सिंग प्रणाली की संस्थापक 1820 में जन्मीं फ्लोरेंस नाइटिंगल के जीवन से सीख लेने की सलाह दी। बताया कि उन्होंने किन विषम परिस्थितियों के बीच क्रीमियन युद्ध के दौरान नर्सिंग सेवा का गठन किया। युद्ध में घायल ब्रिटेन के सैनिकों की सेवा की। बताया कि सेवा व त्याग की प्रतिमूर्ति होने के कारण ही इन्हें लेडी विद् लेंप के नाम से भी जाना जाता है।
अपर निदेशक (प्रशासन) राधाकृष्ण सिंह तथा चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता ने बताया कि हाल के वर्षों में नर्सिंग सेवा को कैरियर के रूप में चुनने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। कुछ समय पहले तक नर्सिंग सेवा में आने वालों की भारी कमी होती थी। बताया कि नर्सिग सेवा में व्यापकता तथा चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों के कारण इस सेवा के प्रति हाल के वर्षों में आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय नर्सिग डे की सभी को बधाई दी।
कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि एवं संस्थान निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर अपर निदेशक (प्रशा) राधाकृष्ण सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता, वित्त नियंत्रक पीएन सिंह, सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन सिंह, जेडीएमएम बलवीर सिंह, नर्सिंग प्राचार्या बिजी बिजू, नर्सिंग अधीक्षिका लवली जेम्स तथा वरिष्ठ प्रोफेसर अरुण नागरथ ने दीप प्रज्वलन तथा सेवा व त्याग की प्रतिमूर्ति फ्लोरेंस नाइटिंगल के चित्र पर माल्यार्पण तथा केक कटिंग के साथ शुरू हुआ।
कार्यक्रम के अंत में डीएनएस एमके सिंह तथा सुरेश कुमार ने अतिथियों एवं दर्शकों को धन्यवाद दिया।
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मुख्य कार्यक्रमों की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति के अतिरिक्त लोकगीत, भोजपुरी गीत तथा नाटक व फैशन शो प्रमुख आकर्षण के केंद्र रहे। इसके अतिरिक्त अन्य प्रस्तुतियों ने लोगों को बांधे रखा। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग स्टाफ मनोज तीर्थानी, प्रतिष्ठा पांडेय तथा चारूल ने किया। कार्यक्रम में गिरीश, रेखा यादव, सुरेश तथा दानिश आदि ने अपनी प्रस्तुति दी।
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उद्बोधन में संस्थान निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी. प्रभाकर ने नर्सिंग सेवा के बुनियादी नियमों, जिसमें सेवाभाव, त्याग, सौम्यता व मानवीय संवेदना को नर्सिंग सेवा के लिए आवश्यक माना। उन्होंने कहा कि बिना नर्सिंग स्टाफ के अस्पताल की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपने अस्तित्व काल से ही यह प्रोफेशन विनम्रता, सेवा तथा करुणा का अद्भुत संयोजन रहा है।
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नर्सिंग अधीक्षिका लवली जेम्स ने इस वर्ष के थीम नर्सेस फोर्स फोर चेंज, हेल्थ सिस्टम रिजिलियन्स पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक नर्सिंग प्रणाली की संस्थापक 1820 में जन्मीं फ्लोरेंस नाइटिंगल के जीवन से सीख लेने की सलाह दी। बताया कि उन्होंने किन विषम परिस्थितियों के बीच क्रीमियन युद्ध के दौरान नर्सिंग सेवा का गठन किया। युद्ध में घायल ब्रिटेन के सैनिकों की सेवा की। बताया कि सेवा व त्याग की प्रतिमूर्ति होने के कारण ही इन्हें लेडी विद् लेंप के नाम से भी जाना जाता है।
अपर निदेशक (प्रशासन) राधाकृष्ण सिंह तथा चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता ने बताया कि हाल के वर्षों में नर्सिंग सेवा को कैरियर के रूप में चुनने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। कुछ समय पहले तक नर्सिंग सेवा में आने वालों की भारी कमी होती थी। बताया कि नर्सिग सेवा में व्यापकता तथा चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों के कारण इस सेवा के प्रति हाल के वर्षों में आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय नर्सिग डे की सभी को बधाई दी।
कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि एवं संस्थान निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर अपर निदेशक (प्रशा) राधाकृष्ण सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता, वित्त नियंत्रक पीएन सिंह, सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन सिंह, जेडीएमएम बलवीर सिंह, नर्सिंग प्राचार्या बिजी बिजू, नर्सिंग अधीक्षिका लवली जेम्स तथा वरिष्ठ प्रोफेसर अरुण नागरथ ने दीप प्रज्वलन तथा सेवा व त्याग की प्रतिमूर्ति फ्लोरेंस नाइटिंगल के चित्र पर माल्यार्पण तथा केक कटिंग के साथ शुरू हुआ।
कार्यक्रम के अंत में डीएनएस एमके सिंह तथा सुरेश कुमार ने अतिथियों एवं दर्शकों को धन्यवाद दिया।