{"_id":"5ef62b158ebc3e42dd7a2c3e","slug":"banking-friends-will-deliver-banking-in-villages-from-door-to-door-etawha-news-knp567774315","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवो में बैंकिंग को घर घर पहुचाने का काम करेगी बैंकिंग सखी हर ग्राम पंचायत में होगी एक सखी को तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवो में बैंकिंग को घर घर पहुचाने का काम करेगी बैंकिंग सखी हर ग्राम पंचायत में होगी एक सखी को तैनाती
विज्ञापन
गांवों में बैंकिंग को घर-घर पहुंचाने का काम अब बैंकिंग सखी करेंगी। जिले की 471 ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सखी की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 11 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखी अथवा बैंकिंग सखी गांवों में जरूरतमंद लोगों को बैंकों से वित्तीय सहायता दिलाने में भी मदद करेंगी।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी अब बैंकिंग कार्य तथा विभिन्न कार्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए दफ्तर-दफ्तर दौड़ भाग नहीं करनी पडे़गी। महिलाओं के इन कार्यों में भी बैंकिंग सखी मदद करेंगी। इससे डिजिटल ट्रांजेक्शन कोे बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
इन सखियों को चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाएगा। चयनित सखियां बैंकों के माध्यम से होने वाले टांजेक्शन पर भी आय अर्जित कर सकेंगी।
इसके साथ ही उन्हें हार्डवेयर के क्रय तथा उनकी स्थापना के लिए 75 हजार रुपये का आसान ऋण भी दिलाने का सरकार ने प्रावधान किया गया हैै।
सीडीओ ने बताया कि बैंकिंग सखी के लिए स्वयं सहायता समूह की वरिष्ठ सदस्यों और समूह संचालन में प्रमुख भूमिका निभाने वाली सदस्य को चुना जाएगा।
इनके अलावा गांव में गरीब तथा कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करने वाली महिलाओं का भी बैंकिंग सखी के रूप में चयन हो सकता है। शर्त यह है कि ऐसी महिलाओं को किसी न किसी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ना होगा, अथवा वे स्वयं एक नया समूह बनाकर काम कर सकती हैं।
इ
विज्ञापन
मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखी अथवा बैंकिंग सखी गांवों में जरूरतमंद लोगों को बैंकों से वित्तीय सहायता दिलाने में भी मदद करेंगी।
विज्ञापन
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी अब बैंकिंग कार्य तथा विभिन्न कार्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए दफ्तर-दफ्तर दौड़ भाग नहीं करनी पडे़गी। महिलाओं के इन कार्यों में भी बैंकिंग सखी मदद करेंगी। इससे डिजिटल ट्रांजेक्शन कोे बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
इन सखियों को चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिया जाएगा। चयनित सखियां बैंकों के माध्यम से होने वाले टांजेक्शन पर भी आय अर्जित कर सकेंगी।
इसके साथ ही उन्हें हार्डवेयर के क्रय तथा उनकी स्थापना के लिए 75 हजार रुपये का आसान ऋण भी दिलाने का सरकार ने प्रावधान किया गया हैै।
सीडीओ ने बताया कि बैंकिंग सखी के लिए स्वयं सहायता समूह की वरिष्ठ सदस्यों और समूह संचालन में प्रमुख भूमिका निभाने वाली सदस्य को चुना जाएगा।
इनके अलावा गांव में गरीब तथा कमजोर वर्ग के लोगों की मदद करने वाली महिलाओं का भी बैंकिंग सखी के रूप में चयन हो सकता है। शर्त यह है कि ऐसी महिलाओं को किसी न किसी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ना होगा, अथवा वे स्वयं एक नया समूह बनाकर काम कर सकती हैं।
इ