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बंदरों ने तीन साल की मासूम को काटा
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महेवा। कस्बे में शुक्रवार को घर के आंगन में खेल रही तीन साल की मासूम पर बंदरों ने हमला कर दिया। बच्ची शोर मचाते हुए अंदर भागी। तब तक बंदरों ने उसके हाथ-पैर में कई जगह काट लिया। परिजनों ने बंदरों के झुंड को भगाने के बाद बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया है।
प्रशांत शुक्ला की बेटी ईशावनी सुबह करीब नौ बजे घर के आंगन में खेल रही थी। उसी दौरान बंदरों का झुंड घर में आ गया। बंदरों के हमला करने पर बच्ची शोर मचाते हुए अंदर भागी। जब तक परिवार के लोग वहां पहुंचते बंदरों ने बच्ची के शरीर में कई जगह काट लिया।
इससे जख्मी हो गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है। करीब दो सौ बंदर हैं, जो आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। पिछले दिनों कस्बा निवासी ध्यान पाल सिंह पर बंदरों हमला कर दिया था।
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वह जान बचाने छत से भागे थे, तभी नीचे गिरने से घायल हो गए थे। मीरा मिश्रा समेत कई और लोगों को बंदर काट चुके हैं। लोगों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर गृहस्थी का सामान भी बर्बाद कर देते हैं।
कई बार वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों से बंदरों को पकड़वाने की गुजारिश की गई। तमाम प्रयास के बाद एक महीने पहले वन विभाग टीम आई, लेकिन एक भी बंदर को नहीं पकड़ सकी थी।
इलाके के लोगों ने वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों से उत्पाती बंदरों से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
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प्रशांत शुक्ला की बेटी ईशावनी सुबह करीब नौ बजे घर के आंगन में खेल रही थी। उसी दौरान बंदरों का झुंड घर में आ गया। बंदरों के हमला करने पर बच्ची शोर मचाते हुए अंदर भागी। जब तक परिवार के लोग वहां पहुंचते बंदरों ने बच्ची के शरीर में कई जगह काट लिया।
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इससे जख्मी हो गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है। करीब दो सौ बंदर हैं, जो आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। पिछले दिनों कस्बा निवासी ध्यान पाल सिंह पर बंदरों हमला कर दिया था।
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वह जान बचाने छत से भागे थे, तभी नीचे गिरने से घायल हो गए थे। मीरा मिश्रा समेत कई और लोगों को बंदर काट चुके हैं। लोगों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर गृहस्थी का सामान भी बर्बाद कर देते हैं।
कई बार वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों से बंदरों को पकड़वाने की गुजारिश की गई। तमाम प्रयास के बाद एक महीने पहले वन विभाग टीम आई, लेकिन एक भी बंदर को नहीं पकड़ सकी थी।
इलाके के लोगों ने वन विभाग व प्रशासनिक अफसरों से उत्पाती बंदरों से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।