{"_id":"695165cedb77f74f0a047550","slug":"bahadurpur-phc-gates-remained-open-until-11-am-patients-returned-in-the-cold-etawah-news-c-216-1-etw1005-135497-2025-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: बहादुरपुर पीएचसी का 11 बजे तक नहीं खुला गेट, ठंड में मरीज लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: बहादुरपुर पीएचसी का 11 बजे तक नहीं खुला गेट, ठंड में मरीज लौटे
विज्ञापन
फोटो 43:: बहादुरपुर पीएचएससी में बंद गेट के बाहर खड़े मरीज।
लवेदी (इटावा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हर रविवार को प्रत्येक पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इससे छुट्टी के दिन लोगों को क्षेत्र में निशुल्क उपचार मिल सके। हकीकत इससे परे है। बहादुर पीएचसी में सुबह 11 बजे तक गेट का ताला नहीं खुला था। ठंड में इलाज में दूर-दूर से आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
बहादुरपुर निवासी मुकेश सिंह ने बताया कि उन्हें सांस की पुरानी बीमारी है, जिसका इलाज पीएचसी से चल रहा है। अस्पताल से मिलने वाली दवाओं से उन्हें राहत मिलती है, लेकिन कुछ दिन की दवा दी जाती है। दो दिन पहले उनकी दवा खत्म हो गई थी। दो दिनों से अस्पताल बंद होने के कारण चक्कर लगा रहे हैं।
रविवार को आरोग्य मेला में अस्पताल खुलने की उम्मीद थी। इसलिए वह दवा लेने पहुंचे थे। इस दौरान अस्पताल बंद होने पर उन्हें निराशा हाथ ली। इसी तरह कई मरीज कड़ाके की ठंड में सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की दवा लेने पीचीएच आए थे। अस्पताल बंद होने पर उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने कहा कि सभी डॉक्टरों को आरोग्य मेले में समय से पहुंचने के निर्देश हैं। अगर कहीं लापरवाही हो रही है तो जिम्मेदार से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन
सीएमओ को निरीक्षण में मौजूद मिले डॉक्टर
सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने आरोग्य मेला की हकीकत जानने को जसवंतनगर क्षेत्र के कई केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें उन्होंने यूपीएससी धनवा, बलराई में संचालित हो रहे आरोग्य मेला को देखा। इस दौरान उन्हें पूरा स्टाफ मौजूद मिला। उन्होंने दवा वितरण का रजिस्टर देखा। इस दौरान डॉक्टर व कर्मचारियों को मरीजों को परीक्षण के बाद दवा देने के निर्देश दिए।
आरोग्य मेले में मौसमी बीमारी के सबसे अधिक मरीज आए
रविवार को जिले की 35 पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें कुल 1050 मरीज इलाज करवाने पहुंचे। इसमें सबसे अधिक महिलाएं 550, पुरुष 460 व बच्चों की संख्या 60 रहीं। इस दौरान सबसे अधिक मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया व कोल्ड डायरिया के मरीज आए। डॉक्टर ने चेकअप के बाद उन्हें दवा दी।
विज्ञापन
बहादुरपुर निवासी मुकेश सिंह ने बताया कि उन्हें सांस की पुरानी बीमारी है, जिसका इलाज पीएचसी से चल रहा है। अस्पताल से मिलने वाली दवाओं से उन्हें राहत मिलती है, लेकिन कुछ दिन की दवा दी जाती है। दो दिन पहले उनकी दवा खत्म हो गई थी। दो दिनों से अस्पताल बंद होने के कारण चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन
रविवार को आरोग्य मेला में अस्पताल खुलने की उम्मीद थी। इसलिए वह दवा लेने पहुंचे थे। इस दौरान अस्पताल बंद होने पर उन्हें निराशा हाथ ली। इसी तरह कई मरीज कड़ाके की ठंड में सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की दवा लेने पीचीएच आए थे। अस्पताल बंद होने पर उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने कहा कि सभी डॉक्टरों को आरोग्य मेले में समय से पहुंचने के निर्देश हैं। अगर कहीं लापरवाही हो रही है तो जिम्मेदार से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
विज्ञापन
सीएमओ को निरीक्षण में मौजूद मिले डॉक्टर
सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने आरोग्य मेला की हकीकत जानने को जसवंतनगर क्षेत्र के कई केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें उन्होंने यूपीएससी धनवा, बलराई में संचालित हो रहे आरोग्य मेला को देखा। इस दौरान उन्हें पूरा स्टाफ मौजूद मिला। उन्होंने दवा वितरण का रजिस्टर देखा। इस दौरान डॉक्टर व कर्मचारियों को मरीजों को परीक्षण के बाद दवा देने के निर्देश दिए।
आरोग्य मेले में मौसमी बीमारी के सबसे अधिक मरीज आए
रविवार को जिले की 35 पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें कुल 1050 मरीज इलाज करवाने पहुंचे। इसमें सबसे अधिक महिलाएं 550, पुरुष 460 व बच्चों की संख्या 60 रहीं। इस दौरान सबसे अधिक मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, निमोनिया व कोल्ड डायरिया के मरीज आए। डॉक्टर ने चेकअप के बाद उन्हें दवा दी।