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सम्मेद शिखर पहाड़ी पर अतिक्रमण से नाराजगी
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इटावा। जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर जी पहाड़ी की पवित्रता बनाए रखने और अतिक्रमण न करने को लेकर दिगंबर जैन विकास समिति ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
समिति के पदाधिकारी धर्मेंद्र जैन ने कहा कि झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले के मधुबन में सम्मेद शिखर जी पहाड़ी जैन धर्म के अनुयायिओं का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र है।
जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में 20 तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली होने की वजह से जैन समाज के लिए सम्मेद शिखर जी पहाड़ का कण-कण एक मंदिर परिसर के समान पूज्यनीय एवं वंदनीय है।
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लेकिन कुछ महीनों से श्रद्धा के इस तीर्थ स्थल की पवित्रता और सुचिता को सैर सपाटे व पिकनिक के नाम पर नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पिकनिक, ट्रैकिंग या फिर मात्र मनोरंजन के लिए आने वाले यात्री इस पवित्र पहाड़ पर मांसाहार व शराब का सेवन करते पाए गए हैं, जो अहिंसा व शांति प्रेमी जैन समुदाय के लिए बेहद पीड़ाजनक है।
प्रधानमंत्री से मांग कि जैन धर्म के इस शाश्वत तीर्थ क्षेत्र की एक निश्चित परिधि मधुबन समेत सम्पूर्ण पारसनाथ पहाड़ी पर मांसाहार व शराब का विक्रय के साथ सेवन के भी कड़े प्रतिबंध व दंड को लेकर राजाज्ञा जारी की जाए।
ज्ञापन देने वालों में सुदर्शन जैन, धर्मेंद्र कुमार जैन, अजीत बाबू जैन, संजू जैन, चक्रेश जैन, देवेंद्र जैन, टन्नू जैन, हिमांशु जैन, अनूप कुमार जैन, महेश कुमार जैन, ऋषभ जैन आदि लोग उपस्थित रहे।
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समिति के पदाधिकारी धर्मेंद्र जैन ने कहा कि झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले के मधुबन में सम्मेद शिखर जी पहाड़ी जैन धर्म के अनुयायिओं का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र है।
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जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में 20 तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली होने की वजह से जैन समाज के लिए सम्मेद शिखर जी पहाड़ का कण-कण एक मंदिर परिसर के समान पूज्यनीय एवं वंदनीय है।
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लेकिन कुछ महीनों से श्रद्धा के इस तीर्थ स्थल की पवित्रता और सुचिता को सैर सपाटे व पिकनिक के नाम पर नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पिकनिक, ट्रैकिंग या फिर मात्र मनोरंजन के लिए आने वाले यात्री इस पवित्र पहाड़ पर मांसाहार व शराब का सेवन करते पाए गए हैं, जो अहिंसा व शांति प्रेमी जैन समुदाय के लिए बेहद पीड़ाजनक है।
प्रधानमंत्री से मांग कि जैन धर्म के इस शाश्वत तीर्थ क्षेत्र की एक निश्चित परिधि मधुबन समेत सम्पूर्ण पारसनाथ पहाड़ी पर मांसाहार व शराब का विक्रय के साथ सेवन के भी कड़े प्रतिबंध व दंड को लेकर राजाज्ञा जारी की जाए।
ज्ञापन देने वालों में सुदर्शन जैन, धर्मेंद्र कुमार जैन, अजीत बाबू जैन, संजू जैन, चक्रेश जैन, देवेंद्र जैन, टन्नू जैन, हिमांशु जैन, अनूप कुमार जैन, महेश कुमार जैन, ऋषभ जैन आदि लोग उपस्थित रहे।