{"_id":"878baa94128bc70009c442dc9371f985","slug":"anganwadi-centers-swinging-lock-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी केंद्रों पर झूल रहा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी केंद्रों पर झूल रहा ताला
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
चकरनगर क्षेत्र में आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का अजब गजब हाल है। ज्यादातर केंद्रों पर ताला लटका रहता है। पुष्टाहार बांटने में भी गड़बड़ी हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर औसत 60 छात्रों को बांटने के लिए पंजीरी भेजी जाती है, जबकि कई जगह संख्या दहाई भी पार नहीं कर रही है।
ऐसे में आरोप यह लग रहा है कि बच्चों को वितरित करने के लिए आई पंजीरी की बोरी के अंदर वर्ष 2015 की मुहर लगी पैकेट बच्चों को बांटी जा रही है। एक आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीरी की बोरियां बाहर पड़ी मिलीं।
चकरनगर ब्लाक के आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छात्र संख्या 60 से सौ तक की पंजीरी भेजी जाती है। परंतु छात्रों की संख्या दहाई भी पार नहीं कर रही है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने कुछ केंद्रों का भ्रमण किया तो कमोबेश इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्र टेडाडाडे पर दिन में करीब 11 बजेे सहायिका आशादेवी तो मौजूद थीं, कार्यकत्री सुनीता देवी अनुपस्थित थीं। पंजीकृत छात्र संख्या 65 में से एक भी मौके पर मौजूद नहीं था। मिनी आंगनबाड़ी केंद्र नीवरी में दिन में 11:10 बजे पंजीकृत छात्र संख्या 35 में सिर्फ तीन ही उपस्थित मिले।
मिनी आंगनबाड़ी केंद्र भदौरियनपुरा में 11:20 बजे पंजीकृत 35 बच्चों में से दो ही मौजूद मिले। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र अजीत गढ़िया मेें पंजीकृत छात्र संख्या 102 में से मात्र सात और कुअंरपुरा केंद्र पर पंजीकृत छात्र संख्या 75 में से मात्र तीन बच्चे मौैजूद पाए गए।
आंगनबाड़ी केंद्र पिपरौली गढ़िया प्रथम व द्वितीय में ताले लटक रहे थे। कुर्छा केंद्र पर दोपहर 12:30 बजे ताला लटक रहा था। वहीं, एक केंद्र पर पंजीरी की बोरी के ऊपर वर्ष 2016 की मुहर लगी मिली। उसके अंदर जनवरी वर्ष 2015 के पैकेट भरे है, न्हिें बच्चों में वितरित किया जा रहा हैै।
विज्ञापन
ऐसे में आरोप यह लग रहा है कि बच्चों को वितरित करने के लिए आई पंजीरी की बोरी के अंदर वर्ष 2015 की मुहर लगी पैकेट बच्चों को बांटी जा रही है। एक आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीरी की बोरियां बाहर पड़ी मिलीं।
विज्ञापन
चकरनगर ब्लाक के आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छात्र संख्या 60 से सौ तक की पंजीरी भेजी जाती है। परंतु छात्रों की संख्या दहाई भी पार नहीं कर रही है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने कुछ केंद्रों का भ्रमण किया तो कमोबेश इसी तरह की स्थिति देखने को मिली।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्र टेडाडाडे पर दिन में करीब 11 बजेे सहायिका आशादेवी तो मौजूद थीं, कार्यकत्री सुनीता देवी अनुपस्थित थीं। पंजीकृत छात्र संख्या 65 में से एक भी मौके पर मौजूद नहीं था। मिनी आंगनबाड़ी केंद्र नीवरी में दिन में 11:10 बजे पंजीकृत छात्र संख्या 35 में सिर्फ तीन ही उपस्थित मिले।
मिनी आंगनबाड़ी केंद्र भदौरियनपुरा में 11:20 बजे पंजीकृत 35 बच्चों में से दो ही मौजूद मिले। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र अजीत गढ़िया मेें पंजीकृत छात्र संख्या 102 में से मात्र सात और कुअंरपुरा केंद्र पर पंजीकृत छात्र संख्या 75 में से मात्र तीन बच्चे मौैजूद पाए गए।
आंगनबाड़ी केंद्र पिपरौली गढ़िया प्रथम व द्वितीय में ताले लटक रहे थे। कुर्छा केंद्र पर दोपहर 12:30 बजे ताला लटक रहा था। वहीं, एक केंद्र पर पंजीरी की बोरी के ऊपर वर्ष 2016 की मुहर लगी मिली। उसके अंदर जनवरी वर्ष 2015 के पैकेट भरे है, न्हिें बच्चों में वितरित किया जा रहा हैै।