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Etawah News: तीन साल बाद मिटहटी गांव को मिली गंदगी से निजात
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चकरनगर। ब्लॉक क्षेत्र के मिटहटी गांव के ग्रामीणों का तीन साल पुराना इंतजार खत्म हो गया है। गांव की मुख्य सड़क पर जिस कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना दूभर था, वहां अब प्रशासन ने सीसी (सीमेंट कंक्रीट) सड़क का निर्माण शुरू करा दिया है। अमर उजाला की ओर से इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद विभाग और प्रशासन ने संज्ञान लिया और 1500 की आबादी के लिए राहत की राह खोल दी।
मिटहटी गांव में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर अमर उजाला ने 25 दिसंबर को छह माह से सफाई नहीं, गांव की गलियां कीचड़ से पटी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग ने केवल एक दिन की सफाई कर खानापूर्ति कर दी। समस्या हल न होने पर गांव की महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाला, जिसे अमर उजाला ने 11 जनवरी को सफाईकर्मी गैरहाजिर तो महिलाओं को उठाना पड़ा फावड़ा-तसला शीर्षक से दोबारा प्रकाशित किया। जिस पर बीडीओ यदुवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने गांव में जलभराव के स्थायी समाधान के कड़े निर्देश दिए। ग्राम प्रधान रूपश्री देवी ने ग्रामीणों की मांग पर सीसी सड़क निर्माण का प्रस्ताव भेजा, जिसे बीडीओ ने तत्काल बजट आवंटित कर हरी झंडी दे दी। सुरेश कुमार, रमेश सिंह, बांकेलाल, बोटबाबू, छोटे, सरोज देवी, प्रवेंद्र कुमार और कल्लू आदि ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से वे नरकीय जीवन जीने को मजबूर थे। अब गुणवत्तापूर्ण सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि बरसात में होने वाली परेशानियों से भी स्थायी निजात मिलेगी।
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मिटहटी गांव में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर अमर उजाला ने 25 दिसंबर को छह माह से सफाई नहीं, गांव की गलियां कीचड़ से पटी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग ने केवल एक दिन की सफाई कर खानापूर्ति कर दी। समस्या हल न होने पर गांव की महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाला, जिसे अमर उजाला ने 11 जनवरी को सफाईकर्मी गैरहाजिर तो महिलाओं को उठाना पड़ा फावड़ा-तसला शीर्षक से दोबारा प्रकाशित किया। जिस पर बीडीओ यदुवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया।
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उन्होंने गांव में जलभराव के स्थायी समाधान के कड़े निर्देश दिए। ग्राम प्रधान रूपश्री देवी ने ग्रामीणों की मांग पर सीसी सड़क निर्माण का प्रस्ताव भेजा, जिसे बीडीओ ने तत्काल बजट आवंटित कर हरी झंडी दे दी। सुरेश कुमार, रमेश सिंह, बांकेलाल, बोटबाबू, छोटे, सरोज देवी, प्रवेंद्र कुमार और कल्लू आदि ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से वे नरकीय जीवन जीने को मजबूर थे। अब गुणवत्तापूर्ण सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि बरसात में होने वाली परेशानियों से भी स्थायी निजात मिलेगी।
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