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दबाव बनाकर बड़े बकाएदारों से की जाए वसूली: जिलाधिकारी
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इटावा। जिलाधिकारी श्रुति सिंह ने विद्युत देय, परिवहन देय, स्टांप एवं निबंधन, वाणिज्य कर में राजस्व वसूली को लेकर समीझा बैठक की। इसमें अमीनों का प्रत्येक माह लक्ष्य निर्धारित कर वसूली बढ़ानेे और बड़े बकायेदारों पर दबाव बनाकर वसूली कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेेट सभागार में बुधवार को समीक्षा बैठक में डीएम ने पाया कि स्टांप एवं निबंधन विभाग 1419 लाख मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 1022.92 लाख, परिवहन विभाग 697.79 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 535.96 लाख, विद्युत विभाग 3889 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 3210.95 लाख, खनन में 100 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 61.59 लाख ही वसूली हो पा रही है।
कम वसूली पर उन्होंने नाराजगी जताई।। कहा प्रतिमाह अमीनों की राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। जो किसी भी दशा में औसत वसूली मानक से कम नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को 10 वर्ष पुराने वाद किसी भी कोर्ट में लंबित न रखने के निर्देश दिए। वहीं 5 और 3 वर्ष के लंबित वादों की तारीखें तय कर जल्द निस्तारण करने, धारा- 34 के वाद, दाखिल खारिज के प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
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कलेक्ट्रेेट सभागार में बुधवार को समीक्षा बैठक में डीएम ने पाया कि स्टांप एवं निबंधन विभाग 1419 लाख मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 1022.92 लाख, परिवहन विभाग 697.79 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 535.96 लाख, विद्युत विभाग 3889 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 3210.95 लाख, खनन में 100 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 61.59 लाख ही वसूली हो पा रही है।
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कम वसूली पर उन्होंने नाराजगी जताई।। कहा प्रतिमाह अमीनों की राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। जो किसी भी दशा में औसत वसूली मानक से कम नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को 10 वर्ष पुराने वाद किसी भी कोर्ट में लंबित न रखने के निर्देश दिए। वहीं 5 और 3 वर्ष के लंबित वादों की तारीखें तय कर जल्द निस्तारण करने, धारा- 34 के वाद, दाखिल खारिज के प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, सभी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।