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Etawah News: छेड़छाड़ में दोषमुक्त, मारपीट में एक साल कैद
Thu, 01 Jun 2023 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 01 Jun 2023 11:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कल्पना द्वितीय ने एक साल पूर्व नाबालिक पुत्री के साथ पिता पर लगाए गए छेड़छाड़ व मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए पिता को पॉक्सो एक्ट से दोष मुक्त कर दिया। कोर्ट ने उसे गाली गलौज मारपीट का दोषी पाते हुए उसे एक साल की सजा व एक हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 10 दिन का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
विशेष लोक अभियोजक दशरथ सिंह चौहान ने बताया कि ऊसराहार थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने थाने में दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि दस मई 2022 को उसका पति रात 11 बजे शराब के नशे में अपने दरवाजे पर बैठा था। उसने पीने के लिए पानी मांगा तो उसकी 14 साल की पुत्री पानी लेकर गई तो उसने उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की।
किशोरी के चिल्लाने पर वह सास के साथ बाहर आई और रोका तो पति गाली गलौज करने साथ मारपीट करते हुए कर भाग निकला। महिला की तहरीर पर पुलिस ने छेड़छाड़ मारपीट गाली गलौज की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद उसके खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के कोर्ट में हुई।
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विशेष लोक अभियोजक की ओर से कोर्ट में साक्ष्य पेश किए, लेकिन गवाहों के बयानों में विरोधाभास दिखा। इस पर कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर पुष्पेंद्र को पॉक्सो एक्ट के आरोप से दोष मुक्त कर दिया, जबकि मारपीट गाली गलौज में दोषी पाते हुए उसे एक साल की सजा व एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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इटावा। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कल्पना द्वितीय ने एक साल पूर्व नाबालिक पुत्री के साथ पिता पर लगाए गए छेड़छाड़ व मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए पिता को पॉक्सो एक्ट से दोष मुक्त कर दिया। कोर्ट ने उसे गाली गलौज मारपीट का दोषी पाते हुए उसे एक साल की सजा व एक हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 10 दिन का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।
विशेष लोक अभियोजक दशरथ सिंह चौहान ने बताया कि ऊसराहार थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने थाने में दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि दस मई 2022 को उसका पति रात 11 बजे शराब के नशे में अपने दरवाजे पर बैठा था। उसने पीने के लिए पानी मांगा तो उसकी 14 साल की पुत्री पानी लेकर गई तो उसने उसका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की।
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किशोरी के चिल्लाने पर वह सास के साथ बाहर आई और रोका तो पति गाली गलौज करने साथ मारपीट करते हुए कर भाग निकला। महिला की तहरीर पर पुलिस ने छेड़छाड़ मारपीट गाली गलौज की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद उसके खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए। सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के कोर्ट में हुई।
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विशेष लोक अभियोजक की ओर से कोर्ट में साक्ष्य पेश किए, लेकिन गवाहों के बयानों में विरोधाभास दिखा। इस पर कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर पुष्पेंद्र को पॉक्सो एक्ट के आरोप से दोष मुक्त कर दिया, जबकि मारपीट गाली गलौज में दोषी पाते हुए उसे एक साल की सजा व एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।