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आवास न मिलने पर बच्चों संग धरने पर बैठी महिला
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फ आवास न मिलने की शिकायत को लेकर एक महिला अपने चारों बच्चों सहित शनिवार को कचहरी स्थित वट वृक्ष के नीचे धरने पर बैठ गई। उसका कहना था कि वह कई सालों से नेताओं के चक्कर काट रही है, पर किसी ने उसको आवास नहीं दिला पाया।
अब मकान मालिक घर खाली करने को कह रहा है। अपने मजदूर पति की हालत का हवाला देते हुए उसने धरने पर बैठने का निर्णय लिया। दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने उससे प्रार्थना पत्र लेकर उसका धरना समाप्त करवाया।
कचहरी स्थित वट वृक्ष के नीचे शनिवार सुबह शहर के राम नगर निवासी एक महिला अपनी तीन बेटियों व एक बेटे के संग कई मांगें लिखी हुई तख्तियों के साथ धरने पर बैठ गई। उसने बताया कि वह किराये के घर में रहती है और उसका पति वेदप्रकाश शर्मा मजदूरी करता है।
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उसने बताया कि वह वर्ष 2008 से सरकारी आवास की मांग को लेकर कई लोगों से मिल चुकी है, लेकिन उसे आश्वासन ही मिला आवास नहीं।
इस दौरान डूडा से शहरी विकास मिशन की प्रोबेशन अधिकारी फरहत इकबाल ने आकर उनकी समस्या सुनीं और आवास के लिए किए गए आवेदन के कागज मंगवाए। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने आवास के लिए जो आवेदन कर रखा है वह आवास विकास परिषद के अंतर्गत आता है जिसका निर्माण होना है।
उन्होंने महिला को उसके पति के लिए स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत दो लाख रुपये तक के लोन योजना की जानकारी दी और रेहड़ी खोमचा आदि लगाने के लिए मिलने वाले 10 हजार रुपये की योजना की भी जानकारी देकर इनका लाभ दिलवाने में सहयोग की बात कही।
कुछ समय बाद सिटी मजिस्ट्रेट रमेश सिंह ने मौके पर आकर उसकी बात सुनी और निराकरण का आश्वासन देकर उसका धरना समाप्त करवाया।
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अब मकान मालिक घर खाली करने को कह रहा है। अपने मजदूर पति की हालत का हवाला देते हुए उसने धरने पर बैठने का निर्णय लिया। दोपहर बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने उससे प्रार्थना पत्र लेकर उसका धरना समाप्त करवाया।
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कचहरी स्थित वट वृक्ष के नीचे शनिवार सुबह शहर के राम नगर निवासी एक महिला अपनी तीन बेटियों व एक बेटे के संग कई मांगें लिखी हुई तख्तियों के साथ धरने पर बैठ गई। उसने बताया कि वह किराये के घर में रहती है और उसका पति वेदप्रकाश शर्मा मजदूरी करता है।
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उसने बताया कि वह वर्ष 2008 से सरकारी आवास की मांग को लेकर कई लोगों से मिल चुकी है, लेकिन उसे आश्वासन ही मिला आवास नहीं।
इस दौरान डूडा से शहरी विकास मिशन की प्रोबेशन अधिकारी फरहत इकबाल ने आकर उनकी समस्या सुनीं और आवास के लिए किए गए आवेदन के कागज मंगवाए। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने आवास के लिए जो आवेदन कर रखा है वह आवास विकास परिषद के अंतर्गत आता है जिसका निर्माण होना है।
उन्होंने महिला को उसके पति के लिए स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत दो लाख रुपये तक के लोन योजना की जानकारी दी और रेहड़ी खोमचा आदि लगाने के लिए मिलने वाले 10 हजार रुपये की योजना की भी जानकारी देकर इनका लाभ दिलवाने में सहयोग की बात कही।
कुछ समय बाद सिटी मजिस्ट्रेट रमेश सिंह ने मौके पर आकर उसकी बात सुनी और निराकरण का आश्वासन देकर उसका धरना समाप्त करवाया।