पहले रोजी गई अब घर भी छिन रहा

Etawah Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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इटावा। करीब 20 वर्षों से सूत मील बंद पड़ी है। इस मिल में काम करने वाले मजदूरों ने कई सालों तक संघर्ष किया, लेकिन मिल को दोबारा शुरू नहीं करा सके। रोजी रोटी का जरिया छिन जाने के बाद भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके इन मिल मजदूरों ने जैसे तैसे दूसरे कामकाज तलाश किए और मिल परिसर में ही बनी लेबर कालोनी में रह कर अपने परिवार का पेट पालने लगे। लेकिन अब यह मजदूर फिर एक नई मुसीबत का सामना कर रहे हैं। इस स्पिनिंग मिल्स के महाप्रबंधक ने गत 26 अप्रैल को इन मजदूर कर्मचारियों को नोटिस भेजा है। जिसमें मिल आवास को खाली करने का फरमान है।
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घर से बदखल करने के इस नोटिस के मिलने के बाद यहां रह रहे करीब 35 परिवारों में खलबली मच गई। मंगलवार को यह मजदूर कर्मचारी कचहरी पहुंचे और डीएम पी गुरु प्रसाद से गुहार लगाई। लेकिन डीएम ने इस मामले में मदद करने का कोई आश्वासन नहीं दिया। इससे मिल कर्मचारियों को निराश होकर लौट जाना पड़ा। सूत मिल परिसर में रह रहे मंगल सिंह, उमा देवी, शांती देवी, शिव वोधन, सुरेंद्र सिंह, रोशन सिंह, कुसमा देवी, कैलासी देवी, राजपाल सिंह, बद्री प्रसाद, गिरजेश सिंह आदि मिल कर्मचारियों की जिंदगी दो वक्त की रोटी जुटाने में ही बीत रही है। ऐसे में क्वार्टर खाली करने का फरमान ने इनकी नींद हराम कर दी है।
बकाया मिले तब घर से निकालें
स्पिनिंग मिल्स लिमिटेड की इंपलाइज यूनियन के मंत्री रामेश्वर सिंह की अगुवाई में आए इन मिल मजदूरों नेो डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि मिल के महाप्रबंधक एनके मिश्रा की नोटिस में कहा गया कि हम श्रमिकों ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्त भुगतान प्राप्त कर लिया है। लिहाजा वह अवैधानिक रूप से मिल आवास में रह रहे हैं। इस लिए एक सप्ताह में आवास खाली कर दें। अन्यथा कार्रवाई होगी। जबकि मिल कर्मचारियों के वेतन, बोनस, फंड एवं ओवर टाइम आदि के देयकों के भुगतान लंबित पड़े हैं। उनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। ऐसे में उन्हें कालोनी से निकालना उनके साथ अन्याय है। उनके अवशेषों का भुगतान हो जाए तो वह स्वयं आवास खाली कर देंगे।
अवैध रूप से भी रह रहे लोग
मिल कर्मचारियों ने डीएम को यह बताया कि नोटिस में उन्हें अवैधानिक तौर पर रहना दर्शाया गया है जबकि परिसर में बनी आफीसर्स व लेबर कालोनी में ऐसे लोग भी रह रहे हैं, जो मिल के कर्मचारी नहीं हैं। उन्हें इस प्रकार का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। स्पिनिंग मिल महाप्रबंधक के इस रवैये से कर्मचारियों में रोष है।
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