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गर्मी का सितम बरकरार, तापमान 44 पर
Etawah
Updated Tue, 13 May 2014 05:31 AM IST
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इटावा/सरसईनावर। जिस्म झुलसा देने वाली गर्मी ने सैकेंड शटरडे की छुट्टी पर ग्रहण लगा दिया। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं चलने के कारण अधिकांश लोग छुट्टी के दिन सैरसपाटे की बजाए घरों में दुबके रहे। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी में तालाब, पोखर सूखे पड़े होने से पशु पक्षी बेहाल हो रहे हैं।
शनिवार को भी शहर की सड़कों पर गर्मी को लेकर सन्नाटा नजर आया। जो निकला वह कपड़ों से चकमुंद था। बाजार में सन्नाटा पसारा रहा। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। सरसईनावर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में अधिकांश तालाब-पोखर सूखे पड़े हुए हैं। ताखा विकास खंड क्षेत्र में पानी पहुंचाने वाला गंगसी रजवाहा में पानी समय से न आने एवं बीच-बीच में पानी रोके जाने के कारण किसानों को धान की नर्सरी लगाने में देरी हो रही है। क्षेत्रीय ताल-तलैया सूखे पड़े होने के कारण पशु-पक्षी बेहाल हैं। जलस्तर में आई गिरावट से क्षेत्र में कई सरकारी हैंडपंप पानी उगलना बंद कर चुके हैं। क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग से गंगसी रजवाह में जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है।
पेट की आग के आगे सूर्य की तपिश बेअसर
घड़ी में करीब 11 बजे हुए थे। सूर्य की तपिश लोगों को बेहाल किए हुए थी। इसी बीच जो नजारा देखा उससे गर्मी का अहसास दूर हो गया। रेलवे स्टेशन पर दर्जन भर मजदूर ट्रैक सफाई के कार्य में लगे थे। इसी भीड़ में करीब आठ वर्ष का बालक भी अपने मां-बाप का हाथ बंटा रहा था। वह मां के साथ लोहे के पंजे से ट्रैक पर पड़े गिट्टी को समेट रहा था। उसकी फोटो खींची वह तो झिझक गया। पढ़ाई लिखाई की उम्र में ट्रैक पर काम कर रहे नौनिहाल पर न तो रेलवे अफसरों की नजर पड़ी और न ही समाजसेवी दलों की। जबकि स्टेशन पर हर वर्ग के लोगों का आना जाना रहता है। पढ़ाई-लिखाई की उम्र में मासूम मां-बाप के साथ दो जून की रोजीरोटी की जुगाड़ में लगा था।
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शनिवार को भी शहर की सड़कों पर गर्मी को लेकर सन्नाटा नजर आया। जो निकला वह कपड़ों से चकमुंद था। बाजार में सन्नाटा पसारा रहा। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। सरसईनावर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में अधिकांश तालाब-पोखर सूखे पड़े हुए हैं। ताखा विकास खंड क्षेत्र में पानी पहुंचाने वाला गंगसी रजवाहा में पानी समय से न आने एवं बीच-बीच में पानी रोके जाने के कारण किसानों को धान की नर्सरी लगाने में देरी हो रही है। क्षेत्रीय ताल-तलैया सूखे पड़े होने के कारण पशु-पक्षी बेहाल हैं। जलस्तर में आई गिरावट से क्षेत्र में कई सरकारी हैंडपंप पानी उगलना बंद कर चुके हैं। क्षेत्रीय किसानों ने सिंचाई विभाग से गंगसी रजवाह में जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है।
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पेट की आग के आगे सूर्य की तपिश बेअसर
घड़ी में करीब 11 बजे हुए थे। सूर्य की तपिश लोगों को बेहाल किए हुए थी। इसी बीच जो नजारा देखा उससे गर्मी का अहसास दूर हो गया। रेलवे स्टेशन पर दर्जन भर मजदूर ट्रैक सफाई के कार्य में लगे थे। इसी भीड़ में करीब आठ वर्ष का बालक भी अपने मां-बाप का हाथ बंटा रहा था। वह मां के साथ लोहे के पंजे से ट्रैक पर पड़े गिट्टी को समेट रहा था। उसकी फोटो खींची वह तो झिझक गया। पढ़ाई लिखाई की उम्र में ट्रैक पर काम कर रहे नौनिहाल पर न तो रेलवे अफसरों की नजर पड़ी और न ही समाजसेवी दलों की। जबकि स्टेशन पर हर वर्ग के लोगों का आना जाना रहता है। पढ़ाई-लिखाई की उम्र में मासूम मां-बाप के साथ दो जून की रोजीरोटी की जुगाड़ में लगा था।
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