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चंदा लेने आए युवक ले गए नकदी-जेवर
Etawah
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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बकेवर (इटावा)। अनाथ आश्रम के लिए चंदा लेने आए दो युवक भाजपा मंडल अध्यक्ष के घर से नगदी और जेवर उड़ा ले गए। इनकी तलाश की गई लेकिन सुराग नहीं लगा।
गांधीनगर निवासी भाजपा के मंडल अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता के यहां 5 नवंबर को दो युवक अनाथ आश्रम के लिए चंदा मांगने आए। भाजपा नेता ने पत्नी से 51 रुपए चंदा देने को कहा। उनकी पत्नी अलमारी से रुपए निकालकर लाई और उन्हें दे दी, जिसकी रसीद भी मिल गई। बाद दोनों युवक गैलरी में पहुंचे और खाना खिलाने को कहा। इस पर उनकी पत्नी ने थोड़ी देर में खाना देने की बात कही तो दोनों गैलरी से बाहर आ गए। इसी दौरान भाजपा नेता की पत्नी कमरे की कुंडी बंद करके छत पर चली गई। तभी मौका पाकर दोनों युवक घर में घुस गए और अलमारी में रखे 90 हजार रुपए और एक जोड़ी झुमकी चुरा ले गए। जब उनकी पत्नी छत से नीचे आती दिखी तो दोनों ने कहा कि अब खाना नहीं खाएंगे। मना करने के लिए ही वे अंदर आए थे। इतना कहकर वहां से रफूचक्कर हो गए।
थोड़ी देर बाद रविंद्र ने सीमेंट के रुपए देने के लिए अलमारी खोली तो रुपए गायब देख सन्न रह गए। उन्होंने दोनों युवकों की खोजबीन की उनका पता नहीं चला। चंदे की रसीद पर पड़े फोन नंबर पर जब संपर्क किया गया तो वहां से इकदिल आकर रुपए ले जाने की बात कही, लेकिन वे इकदिल पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। इस पर उन्होंने थाने मे प्रार्थनापत्र दिया।
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गांधीनगर निवासी भाजपा के मंडल अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता के यहां 5 नवंबर को दो युवक अनाथ आश्रम के लिए चंदा मांगने आए। भाजपा नेता ने पत्नी से 51 रुपए चंदा देने को कहा। उनकी पत्नी अलमारी से रुपए निकालकर लाई और उन्हें दे दी, जिसकी रसीद भी मिल गई। बाद दोनों युवक गैलरी में पहुंचे और खाना खिलाने को कहा। इस पर उनकी पत्नी ने थोड़ी देर में खाना देने की बात कही तो दोनों गैलरी से बाहर आ गए। इसी दौरान भाजपा नेता की पत्नी कमरे की कुंडी बंद करके छत पर चली गई। तभी मौका पाकर दोनों युवक घर में घुस गए और अलमारी में रखे 90 हजार रुपए और एक जोड़ी झुमकी चुरा ले गए। जब उनकी पत्नी छत से नीचे आती दिखी तो दोनों ने कहा कि अब खाना नहीं खाएंगे। मना करने के लिए ही वे अंदर आए थे। इतना कहकर वहां से रफूचक्कर हो गए।
थोड़ी देर बाद रविंद्र ने सीमेंट के रुपए देने के लिए अलमारी खोली तो रुपए गायब देख सन्न रह गए। उन्होंने दोनों युवकों की खोजबीन की उनका पता नहीं चला। चंदे की रसीद पर पड़े फोन नंबर पर जब संपर्क किया गया तो वहां से इकदिल आकर रुपए ले जाने की बात कही, लेकिन वे इकदिल पहुंचे तो उन्हें कोई नहीं मिला। इस पर उन्होंने थाने मे प्रार्थनापत्र दिया।
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