{"_id":"5a78a0004f1c1bc83b8b51ca","slug":"61517854720-etawah-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएनडीएस को परियोजनों के लिए मिली धनराशि की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएनडीएस को परियोजनों के लिए मिली धनराशि की होगी जांच
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कलक्ट्रेट सभागार में 50 लाख से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि लोक निर्माण विभाग को शासन से 154 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई। जिसमें अभी तक निर्माण कार्यों पर मात्र 69 प्रतिशत धनराशि व्यय की गई। सिंचाई विभाग को 2 कार्यों के लिए 2 करोड़ 22 लाख रुपये अवमुक्त किए गए, जिसमें सापेक्ष संपूर्ण धनराशि को व्यय किया गया है। परंतु भौतिक प्रगति शून्य मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि नक्शा सही बनाकर उपलब्ध कराएं। सीएनडीएस को 7 परियोजनाओं के लिए 37 करोड़ के सापेक्ष 35 करोड़ की धनराशि शासन से अवमुक्त की गई। 86 प्रतिशत धनराशि व्यय कर मात्र 29 प्रतिशत की भौतिक प्रगति दर्शायी गई। खराब स्थिति पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसकी जांच के आदेश दिए ।
जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क येाजना के अंर्तगत 13 परियोजनाओं के निर्माण कार्य कराए जाने हैं, जिसके सापेक्ष अभी 6 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 7 पर कार्य चल रहा है। इस पर उन्होंने निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि के अंदर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। राजकीय निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में पाया 37 परियोजनाओं के सापेक्ष 13 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि 24 परियोजनाएं अपूर्ण हैं। इस पर उन्होंने उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पीके श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता पीएम प्रभाकर, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा एमसी शर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, आरईएस, सिंंचाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कलक्ट्रेट सभागार में 50 लाख से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि लोक निर्माण विभाग को शासन से 154 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई। जिसमें अभी तक निर्माण कार्यों पर मात्र 69 प्रतिशत धनराशि व्यय की गई। सिंचाई विभाग को 2 कार्यों के लिए 2 करोड़ 22 लाख रुपये अवमुक्त किए गए, जिसमें सापेक्ष संपूर्ण धनराशि को व्यय किया गया है। परंतु भौतिक प्रगति शून्य मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि नक्शा सही बनाकर उपलब्ध कराएं। सीएनडीएस को 7 परियोजनाओं के लिए 37 करोड़ के सापेक्ष 35 करोड़ की धनराशि शासन से अवमुक्त की गई। 86 प्रतिशत धनराशि व्यय कर मात्र 29 प्रतिशत की भौतिक प्रगति दर्शायी गई। खराब स्थिति पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसकी जांच के आदेश दिए ।
जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क येाजना के अंर्तगत 13 परियोजनाओं के निर्माण कार्य कराए जाने हैं, जिसके सापेक्ष अभी 6 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 7 पर कार्य चल रहा है। इस पर उन्होंने निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि के अंदर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। राजकीय निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में पाया 37 परियोजनाओं के सापेक्ष 13 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि 24 परियोजनाएं अपूर्ण हैं। इस पर उन्होंने उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पीके श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता पीएम प्रभाकर, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा एमसी शर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, आरईएस, सिंंचाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन