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सड़कों पर सन्नाटा, घरों से नहीं निकले लोग, बाजारों में रही बंदी
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फोटो संख्या 01 लॉकडाउन के पहले दिन नौरंगाबाद चौराहा पर रही पुलिस की तैनाती
- फोटो : ETAWHA
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कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से लोगों को 40 दिन बाद फिर से लॉकडाउन का सामना करना पड़ रहा है।
इस बार लॉकडाउन की अवधि 55 घंटे है। महामारी की वजह से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 25 मार्च से 31 मई तक 68 दिन लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक चल रहा था कि लोगों को फिर से लॉकडाउन का सामना करना पड़ रहा है।
आदेशों का पालन करते हुए लोग बिना किसी काम के घर से नहीं निकले। यही नहीं जुलाई का दूसरा शनिवार होने से ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहा। बैंकें भी बंद रहीं।
सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही दो पहिया वाहन से आते-जाते दिखाई पड़े। शहर के सभी प्रमुख बाजारों में पूरी तरह से बंदी रही।
लॉकडाउन के सफल रहने की वजह से शहर के नौरंगाबाद, पक्की सराय, बजाजा लाइन, पचराहा नगर पालिका जैसे भीड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस नहीं दिखी।
जबकि शास्त्री चौराहा, बलराम सिंह चौराहा, पक्का तालाब चौराहा, एसएसपी चौराहा, साबितगंज, बस स्टैंड, नुमाइश चौराहा पर पुलिस, महिला पुलिस कर्मी और होमगार्ड ड्यूटी पर नजर आए।
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नौरंगाबाद बाद पुलिस चौकी के पास पुलिस वाहन चेकिंग करती रही। लॉकडाउन की वजह से मेडिकल स्टोर, दूध डेरी खुली रहीं, जिससे लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। गली और मोहल्ले में हाथठेला पर सब्जी बेचने वाले घूमते रहे।
लॉकडाउन में ग्रामीण इलाकों के कुछ बाजारों में दुकानदारों ने नियम के विरुद्ध दुकानें खोलने का प्रयास किया, जिन पर कार्रवाई भी की गई।
ऊसराहार क्षेत्र की ताखा तहसील में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
सड़कों व चौराहों पर तैनात पुलिस गश्त भी करती रही, लेकिन कहीं सफाई और सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया। इससे व्यापारियों में नाराजगी रही। एसडीएम नम्रता सिंह के निर्देश पर सुबह से ही तहसीलदार श्रीराम यादव और थानाध्यक्ष सतीश यादव ने लाउडस्पीकर से लॉकडाउन पालन करने की सलाह दी।
सीमाओं पर चेकिंग अभियान भी चलाया गया। सफाई व्यवस्था को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कौशल, रवि वर्मा, रवि चक्रवर्ती का कहना है कि मार्च से लेकर अभी तक ऊसराहार और सरसईनावर क्षेत्र को सेनेटाइज नहीं कराया गया।
चकरनगर कस्बे में थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉकडाउन का पालन कराने के लिए कस्बे के चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग की। जिसमें बिना मास्क के निकलने वाले 20 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।
जबकि 14 वाहनों के ई-चालान किए गए। चालान की प्रति संबंधित वाहन चालकों के मोबाइल पर भेज दी गई। थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि क्षेत्र में यदि कोई नियम के तोड़ते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भरथना नगर में 10 जुलाई की रात 10 बज से घोषित लॉकडाउन के दौरान प्रशासनिक सख्ती के बावजूद भी नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच दुकानदारों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
भरथना-इटावा-बिधूना, भरथना-बकेवर व भरथना-ऊसराहार मार्ग पर पुलिसकर्मियों का पहरा रहा। पुलिस ने प्रमुख बाजारों में व्यापारियों से प्रतिष्ठान न खोलने और घरों में सुरक्षित रहने की अपील की।
हालांकि दवा दुकानें खुली रहीं। चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मनोज कुमार, विद्यानंद गुप्ता, मुकेश, गौरव पोरवाल, छोटे पोरवाल पर महामारी अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
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इस बार लॉकडाउन की अवधि 55 घंटे है। महामारी की वजह से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 25 मार्च से 31 मई तक 68 दिन लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक चल रहा था कि लोगों को फिर से लॉकडाउन का सामना करना पड़ रहा है।
आदेशों का पालन करते हुए लोग बिना किसी काम के घर से नहीं निकले। यही नहीं जुलाई का दूसरा शनिवार होने से ज्यादातर सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहा। बैंकें भी बंद रहीं।
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सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही दो पहिया वाहन से आते-जाते दिखाई पड़े। शहर के सभी प्रमुख बाजारों में पूरी तरह से बंदी रही।
लॉकडाउन के सफल रहने की वजह से शहर के नौरंगाबाद, पक्की सराय, बजाजा लाइन, पचराहा नगर पालिका जैसे भीड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस नहीं दिखी।
जबकि शास्त्री चौराहा, बलराम सिंह चौराहा, पक्का तालाब चौराहा, एसएसपी चौराहा, साबितगंज, बस स्टैंड, नुमाइश चौराहा पर पुलिस, महिला पुलिस कर्मी और होमगार्ड ड्यूटी पर नजर आए।
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नौरंगाबाद बाद पुलिस चौकी के पास पुलिस वाहन चेकिंग करती रही। लॉकडाउन की वजह से मेडिकल स्टोर, दूध डेरी खुली रहीं, जिससे लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। गली और मोहल्ले में हाथठेला पर सब्जी बेचने वाले घूमते रहे।
लॉकडाउन में ग्रामीण इलाकों के कुछ बाजारों में दुकानदारों ने नियम के विरुद्ध दुकानें खोलने का प्रयास किया, जिन पर कार्रवाई भी की गई।
ऊसराहार क्षेत्र की ताखा तहसील में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
सड़कों व चौराहों पर तैनात पुलिस गश्त भी करती रही, लेकिन कहीं सफाई और सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया। इससे व्यापारियों में नाराजगी रही। एसडीएम नम्रता सिंह के निर्देश पर सुबह से ही तहसीलदार श्रीराम यादव और थानाध्यक्ष सतीश यादव ने लाउडस्पीकर से लॉकडाउन पालन करने की सलाह दी।
सीमाओं पर चेकिंग अभियान भी चलाया गया। सफाई व्यवस्था को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल कौशल, रवि वर्मा, रवि चक्रवर्ती का कहना है कि मार्च से लेकर अभी तक ऊसराहार और सरसईनावर क्षेत्र को सेनेटाइज नहीं कराया गया।
चकरनगर कस्बे में थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने लॉकडाउन का पालन कराने के लिए कस्बे के चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग की। जिसमें बिना मास्क के निकलने वाले 20 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।
जबकि 14 वाहनों के ई-चालान किए गए। चालान की प्रति संबंधित वाहन चालकों के मोबाइल पर भेज दी गई। थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि क्षेत्र में यदि कोई नियम के तोड़ते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भरथना नगर में 10 जुलाई की रात 10 बज से घोषित लॉकडाउन के दौरान प्रशासनिक सख्ती के बावजूद भी नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच दुकानदारों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
भरथना-इटावा-बिधूना, भरथना-बकेवर व भरथना-ऊसराहार मार्ग पर पुलिसकर्मियों का पहरा रहा। पुलिस ने प्रमुख बाजारों में व्यापारियों से प्रतिष्ठान न खोलने और घरों में सुरक्षित रहने की अपील की।
हालांकि दवा दुकानें खुली रहीं। चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मनोज कुमार, विद्यानंद गुप्ता, मुकेश, गौरव पोरवाल, छोटे पोरवाल पर महामारी अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।