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कांशीराम आवास मिला, फिर भी हाईवे के किनारे डाले हैं झोपड़ी
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इकदिल। सरकारी जमीन से अवैध कब्जों को हटाने के चल रहे अभियान के अंतर्गत नगर पंचायत इकदिल के कर्मचारियों ने कस्बे के हाईवे के किनारे रखी झोपड़ी को हटाने को कहा तो झोपड़ी में रह रहे परिवार ने उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। महत्वपूर्ण तथ्य तो यह है कि उक्त परिवार को कांशीराम कालोनी में आवास आवंटित है। फिर भी परिवार हाईवे के किनारे झोपड़ी डालकर रह रहा है। जो कभी हादसे का भी शिकार हो सकता है।
कस्बे के एक ओर हाईवे के किनारे रवि नागर अपने परिवार के साथ झोपड़ी डालकर रह रहा है। वह बैंड बजाने का काम करता है। नगर पंचायत इकदिल के चेयरमैन के निर्देश पर कर्मचारी नगर पंचायत की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए रवि नागर से झोपड़ी हटाने को कहा। उसने जमीन खाली करने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों ने जमीन खाली करने का दबाव बनाया तो रवि ने सामान झोपड़ी के बाहर रख दिया और परिवार के साथ कचहरी आकर चेयरमैन सहित नगर पंचायत के कर्मचारियों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उसने इसकी शिकायत एसडीएम सदर से भी की है।
एसडीएम सदर के निर्देश पर नगर पंचायत के कर्मचारियों झोपड़ी हटाने की प्रक्रिया को रोक दिया है। इस संबंध में चेयरमैन सौरभ दीक्षित ने कहा कि रवि नागर को नगर पंचायत की जमीन को खाली कराने हेतु कई बार कहा गया। मगर वह कब्जा नहीं छोड़ना चाहता। उसको कांशीराम कालोनी में आवास आवंटित है। महाराजपुरा खेड़ा में दो मंजिला मकान भी है। उन पर अथवा नगर पंचायत के कर्मचारियों पर जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं।
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इकदिल। सरकारी जमीन से अवैध कब्जों को हटाने के चल रहे अभियान के अंतर्गत नगर पंचायत इकदिल के कर्मचारियों ने कस्बे के हाईवे के किनारे रखी झोपड़ी को हटाने को कहा तो झोपड़ी में रह रहे परिवार ने उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। महत्वपूर्ण तथ्य तो यह है कि उक्त परिवार को कांशीराम कालोनी में आवास आवंटित है। फिर भी परिवार हाईवे के किनारे झोपड़ी डालकर रह रहा है। जो कभी हादसे का भी शिकार हो सकता है।
कस्बे के एक ओर हाईवे के किनारे रवि नागर अपने परिवार के साथ झोपड़ी डालकर रह रहा है। वह बैंड बजाने का काम करता है। नगर पंचायत इकदिल के चेयरमैन के निर्देश पर कर्मचारी नगर पंचायत की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए रवि नागर से झोपड़ी हटाने को कहा। उसने जमीन खाली करने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों ने जमीन खाली करने का दबाव बनाया तो रवि ने सामान झोपड़ी के बाहर रख दिया और परिवार के साथ कचहरी आकर चेयरमैन सहित नगर पंचायत के कर्मचारियों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उसने इसकी शिकायत एसडीएम सदर से भी की है।
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एसडीएम सदर के निर्देश पर नगर पंचायत के कर्मचारियों झोपड़ी हटाने की प्रक्रिया को रोक दिया है। इस संबंध में चेयरमैन सौरभ दीक्षित ने कहा कि रवि नागर को नगर पंचायत की जमीन को खाली कराने हेतु कई बार कहा गया। मगर वह कब्जा नहीं छोड़ना चाहता। उसको कांशीराम कालोनी में आवास आवंटित है। महाराजपुरा खेड़ा में दो मंजिला मकान भी है। उन पर अथवा नगर पंचायत के कर्मचारियों पर जो आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं।
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