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सूत मिल में अधिगृहीत जमीन मांगी वापस
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इटावा। सूत मिल में अधिगृहीत जमीन को लेकर हिंद किसान मजदूर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामकृष्ण यादव ने किसानों को जमीन लौटाने की मांग की है। सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि करीब छह दशक पूर्व किसानों की जमीन तो ले ली गई, लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया। गरीब किसानों ने तमाम प्रयास किए लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
कहा कि नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम में यह प्रावधान है कि जमीन का अधिग्रहण होने के बाद यदि मुआवजे का भुगतान नहीं किया जाता तो वह जमीन वापस करने योग्य है। लिहाजा किसान सूत मिल की उक्त जमीन पाने के हकदार हैं। किसानों से यह जमीन 1960 में अधिग्रहीत की गई थी। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के बाद भी पूर्व सरकार ने उक्त जमीन को आवास विकास परिषद निर्माण इकाई को हस्तांतरित कर दिया और कब्जा भी दे दिया। उन्होंने मांग की कि उक्त जमीन किसानों को वापस की जाए।
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कहा कि नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम में यह प्रावधान है कि जमीन का अधिग्रहण होने के बाद यदि मुआवजे का भुगतान नहीं किया जाता तो वह जमीन वापस करने योग्य है। लिहाजा किसान सूत मिल की उक्त जमीन पाने के हकदार हैं। किसानों से यह जमीन 1960 में अधिग्रहीत की गई थी। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के बाद भी पूर्व सरकार ने उक्त जमीन को आवास विकास परिषद निर्माण इकाई को हस्तांतरित कर दिया और कब्जा भी दे दिया। उन्होंने मांग की कि उक्त जमीन किसानों को वापस की जाए।
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