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Etawah News: सम्मान निधि से वंचित होंगे 38 हजार किसान, बेच न पाएंगे गेहूं और धान

Sat, 11 Apr 2026 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:36 AM IST
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38,000 farmers will be deprived of Samman Nidhi, will not be able to sell wheat and paddy.
इटावा। जिन किसानों ने अभी तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शासन के निर्देश पर जिले में फार्मर रजिस्ट्री का विशेष अभियान तेजी से चल रहा है लेकिन अभी भी करीब 38 हजार किसान इस प्रक्रिया से दूर हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना रजिस्ट्री के न तो पीएम किसान सम्मान निधि मिलेगी और न ही किसान सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं अथवा धान की फसल बेच पाएंगे।
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जिले में कुल 2.04 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है। अभियान शुरू होने से पहले तक 1.64 लाख किसान अपना पंजीकरण करा चुके थे। शेष बचे किसानों के लिए छह से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रतिदिन 58 पंचायतों में शिविर लगाकर मौके पर ही पंजीकरण किया जा रहा है। पिछले चार दिनों के भीतर लगभग 2600 नए किसानों ने अपनी रजिस्ट्री पूरी कराई है। उप कृषि निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को सम्मान निधि के अलावा सरकारी केंद्रों पर गेहूं व धान बेचने की सुविधा से भी वंचित होना पड़ सकता है।
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उप कृषि निदेशक ने बताया कि जहां शिविर लग रहे हैं वहां कृषि विभाग के साथ ही लेखपाल और पंचायत सचिव की भी तैनाती की गई है। ऐसे में जिन किसानों के खतौनी में गड़बड़ी, नाम सुधार और विरासत की समस्या है। ऐसे किसान भी शिविरों में पहुंचकर संबंधित कर्मचारी को एक प्रार्थनापत्र दे सकते हैं, जिसका समाधान अगले ही दिन कर दिया जाता है और ऐसे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री भी की जा रही है। वहीं इस संबंध में तहसीलों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
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जिलाधिकारी ने अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है। यहां खतौनी में गड़बड़ी, नाम सुधार और विरासत से जुड़ी लगभग 600 शिकायतें हर दिन प्राप्त हो रही हैं। जिनका समाधान किया जा रहा है।




सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से यूपी फार्मर रजिस्ट्री ऐप डाउनलोड करें या संबंधित सरकारी पोर्टल पर जाएं। ऐप खोलकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। किसान के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा उसे भरकर लॉगिन करें। किसान अपना आधार नंबर डालें। आधार से लिंक मोबाइल पर फिर से एक ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करते ही किसान की बेसिक डिटेल्स (नाम, पिता का नाम, फोटो) स्क्रीन पर आ जाएगी। इसके बाद किसान जिले, तहसील और गांव का चुनाव करें। खतौनी की गाटा संख्या दर्ज करें। सिस्टम जमीन का विवरण (क्षेत्रफल, हिस्सा आदि) अपने आप दिखा देगा। जानकारी देनी होगी कि वर्तमान सीजन में कौन सी फसल बोई है। इसके बाद फाइनल सबमिट बटन पर क्लिक करें। आखिर में एक यूनिक फार्मर आईडी मिलेगी। इसे संभालकर रखें या स्क्रीन शॉट ले लें।
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