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स्कूलों में शिक्षण कार्य हुआ प्रभावित, क ई स्कूलों में पड़े ताले
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
शिक्षा मित्रों के समायोजन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने का फैसला आने के बाद बुधवार को परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया। कई विद्यालयों में तालाबंदी हो गई। इन विद्यालयों सिर्फ समायोजित शिक्षक की ही तैनाती है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि जब हम शिक्षक ही नहीं रहे तो फिर विद्यालय क्यों जाएं। कहा कि सरकार हम शिक्षा मित्रों की स्थिति को समझे और हमें सहायक अध्यापक पद लौटाए।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से शिक्षा मित्र नौकरी कैसे बचे इसी उधेड़बुन में लगे हैं। अधिकांश समायोजित शिक्षक विद्यालय नहीं गए बल्कि संगठन के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन में सम्मिलित हुए। कुछ समायोजित शिक्षकों ने नारों के जरिए यह भी हुंकार भरी कि न कार्य करेंगे और न ही करने देंगे।
प्राथमिक विद्यालय नेवरपुर बढ़पुरा, प्राथमिक विद्यालय नगला महुआ ताखा, प्राथमिक विद्यालय विड़ौरी चकरनगर, प्राथमिक विद्यालय मुकंदपुर बसरेहर, प्राथमिक विद्यालय मड़ौली महेवा सहित चकरनगर के बीहड़ क्षेत्र के कई विद्यालयों में तालाबंदी रही। समायोजित शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार उन्हें सहायक अध्यापक पद नहीं लौटाती तब तक विद्यालय नहीं जाएंगे।
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- शिक्षामित्रों ने कहा कि जब शिक्षक ही नहीं रहे, तो क्यों जाएं स्कूल
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इटावा।
शिक्षा मित्रों के समायोजन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने का फैसला आने के बाद बुधवार को परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो गया। कई विद्यालयों में तालाबंदी हो गई। इन विद्यालयों सिर्फ समायोजित शिक्षक की ही तैनाती है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि जब हम शिक्षक ही नहीं रहे तो फिर विद्यालय क्यों जाएं। कहा कि सरकार हम शिक्षा मित्रों की स्थिति को समझे और हमें सहायक अध्यापक पद लौटाए।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से शिक्षा मित्र नौकरी कैसे बचे इसी उधेड़बुन में लगे हैं। अधिकांश समायोजित शिक्षक विद्यालय नहीं गए बल्कि संगठन के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन में सम्मिलित हुए। कुछ समायोजित शिक्षकों ने नारों के जरिए यह भी हुंकार भरी कि न कार्य करेंगे और न ही करने देंगे।
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प्राथमिक विद्यालय नेवरपुर बढ़पुरा, प्राथमिक विद्यालय नगला महुआ ताखा, प्राथमिक विद्यालय विड़ौरी चकरनगर, प्राथमिक विद्यालय मुकंदपुर बसरेहर, प्राथमिक विद्यालय मड़ौली महेवा सहित चकरनगर के बीहड़ क्षेत्र के कई विद्यालयों में तालाबंदी रही। समायोजित शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार उन्हें सहायक अध्यापक पद नहीं लौटाती तब तक विद्यालय नहीं जाएंगे।
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- शिक्षामित्रों ने कहा कि जब शिक्षक ही नहीं रहे, तो क्यों जाएं स्कूल