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सफारी में अभी नहीं पकड़ा जा सका तेदुआ
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:17 PM IST
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इटावा। इटावा सफारी पार्क के बफर (ब्रीडिंग) क्षेत्र में 10 जनवरी से घुसा तेंदुआ अभी पकड़ में नहीं आ सका है। अभी उसके पग मार्क बफर क्षेत्र में ही मिल रहे हैं। रविवार को सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ तेंदुआ इसके बाद फिर कैमरों की तरफ नहीं आया। अभी तक वह सफारी प्रशासन की पकड़ से बाहर बना हुआ है।
बफर क्षेत्र में तेंदुआ ने 13 जनवरी कोनीलगाय को मार डाला था। इसके बाद ही सफारी प्रशासन चौकन्ना हुआ। बफर क्षेत्र एवं हिरन सफारी की तरफ जाने वाले रास्तों पर सतर्कता एवं सुरक्षा बढ़ा दी गई। सफारी प्रशासन को उम्मीद है कि तेंदुआ के स्वभाव के अनुसार वह एक बार शिकार करके तीन दिन तक भूखा रह सकता है। इसलिए बुधवार तक उसके फिर बफर क्षेत्र में आकर शिकार करने की संभावना है। वहीं सफारी प्रशासन ने बफर क्षेत्र में पिंजरा बनाकर उसमें एक बकरी को भी बांध दिया। चाराें ओर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पांच सचल एवं स्थायी दल गश्त कर उसकी तलाश कर रहे हैं। चूंकि बफर क्षेत्र में घना जंगल है। जंगल में पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। इसीलिए तेदुए को पकड़ने में कठिनाई आ रही है। इटावा सफारी पार्क के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि तैयारी पूरी है। जैसे ही तेंदुआ जंगल से निकलकर बफर क्षेत्र में आएगा उसे पकड़ लिया जाएगा।
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बफर क्षेत्र में तेंदुआ ने 13 जनवरी कोनीलगाय को मार डाला था। इसके बाद ही सफारी प्रशासन चौकन्ना हुआ। बफर क्षेत्र एवं हिरन सफारी की तरफ जाने वाले रास्तों पर सतर्कता एवं सुरक्षा बढ़ा दी गई। सफारी प्रशासन को उम्मीद है कि तेंदुआ के स्वभाव के अनुसार वह एक बार शिकार करके तीन दिन तक भूखा रह सकता है। इसलिए बुधवार तक उसके फिर बफर क्षेत्र में आकर शिकार करने की संभावना है। वहीं सफारी प्रशासन ने बफर क्षेत्र में पिंजरा बनाकर उसमें एक बकरी को भी बांध दिया। चाराें ओर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पांच सचल एवं स्थायी दल गश्त कर उसकी तलाश कर रहे हैं। चूंकि बफर क्षेत्र में घना जंगल है। जंगल में पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। इसीलिए तेदुए को पकड़ने में कठिनाई आ रही है। इटावा सफारी पार्क के निदेशक पीपी सिंह ने बताया कि तैयारी पूरी है। जैसे ही तेंदुआ जंगल से निकलकर बफर क्षेत्र में आएगा उसे पकड़ लिया जाएगा।
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