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परौली रामाइन में फिर 18 गोवंशों की मौत
Wed, 27 Feb 2019 11:24 PM IST
प्रतीक दुबे
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रतीक दुबे
Updated Wed, 27 Feb 2019 11:24 PM IST
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गोवंशों के मौत की खबर अफसरों ने किया निरीक्षण।
- फोटो : amar ujala
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परौली रामाइन गोशाला में मंगलवार रात को 18 गोवंशों की मौत हो गई। तहसीलदार, वीडीओ और पशु चिकित्साधिकारियों की टीम ने गोशाला का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौत की वजह बीमारी बताई है। एक दिन पहले भी 10 गोवंशों की मौत हो चुकी है। अब तक कुछ 68 गोवंशों की मौत हो चुकी है।
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की फसलों को छुट्टा जानवरों से बचाने के लिए पूरे प्रदेश में हर जिले में गोशालाएं चालू करवाई थीं। इसको लेकर जिला इटावा के विकासखंड बसरेहर के थाना चौबिया क्षेत्र के अंतर्गत गांव परौली रामाइन में 120 बीघा जमीन में जिले की सबसे बड़ी गोशाला बनाई गई थी। छुट्टा गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये का खर्चा किया गया। गोशाला अभी ठीक से चालू भी नहीं हो पाई थी कि यहां चारे का संकट और बीमारी से गोवंश के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार रात को गोशाला में 18 गोवंश ने दम तोड़ दिया। इसकी खबर मिलते ही
तहसीलदार एनराम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा अपनी टीम व बीडीओ अतुल यादव ने बुधवार को गोशाला का निरीक्षण किया। सभी 18 गोवंशों का पोस्टमार्टम कराकर उनको दूसरी जगह दफनाया गया। साथ ही भूसे की मात्रा में इजाफा किया गया। बीडीओ अतुल यादव ने बताया कि गोवंशों की मौत खुरपका रोग से हुई है। गोशाला में भूसे का कोई संकट नहीं है। गोशाला में जानवरों की संख्या अधिक होने से गोवंशों पर सांड़ हमला कर देते हैं। इससे कमजोर गाय व बछड़े घायल हो रहे हैं। उन्होंने आज से ही 20 के स्थान पर 25 क्विंटल भूसा दिया गया। सांड़ों को अलग करा दिया गया है। गोवंशों को दफनाने का इंतजाम भी किए गए हैं। कुछ अव्यवस्थाएं हैं, जिनको दुरुस्त किया जा रहा है। साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा जाएगा।
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गोशाला में मृत पड़ी गोवंश को चील कौवे वा कुत्ता नोच कर खा रहे थे। जिन की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। गोशाला में अधिकारियों द्वारा घोर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। अमर उजाला की खबर पड़ते ही बुधवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा और खंड विकास अधिकारी अतुल यादव ने पहुंचकर गाय के शव का पोस्टमार्टम करवाकर दफन कराया।
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सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की फसलों को छुट्टा जानवरों से बचाने के लिए पूरे प्रदेश में हर जिले में गोशालाएं चालू करवाई थीं। इसको लेकर जिला इटावा के विकासखंड बसरेहर के थाना चौबिया क्षेत्र के अंतर्गत गांव परौली रामाइन में 120 बीघा जमीन में जिले की सबसे बड़ी गोशाला बनाई गई थी। छुट्टा गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये का खर्चा किया गया। गोशाला अभी ठीक से चालू भी नहीं हो पाई थी कि यहां चारे का संकट और बीमारी से गोवंश के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार रात को गोशाला में 18 गोवंश ने दम तोड़ दिया। इसकी खबर मिलते ही
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तहसीलदार एनराम के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा अपनी टीम व बीडीओ अतुल यादव ने बुधवार को गोशाला का निरीक्षण किया। सभी 18 गोवंशों का पोस्टमार्टम कराकर उनको दूसरी जगह दफनाया गया। साथ ही भूसे की मात्रा में इजाफा किया गया। बीडीओ अतुल यादव ने बताया कि गोवंशों की मौत खुरपका रोग से हुई है। गोशाला में भूसे का कोई संकट नहीं है। गोशाला में जानवरों की संख्या अधिक होने से गोवंशों पर सांड़ हमला कर देते हैं। इससे कमजोर गाय व बछड़े घायल हो रहे हैं। उन्होंने आज से ही 20 के स्थान पर 25 क्विंटल भूसा दिया गया। सांड़ों को अलग करा दिया गया है। गोवंशों को दफनाने का इंतजाम भी किए गए हैं। कुछ अव्यवस्थाएं हैं, जिनको दुरुस्त किया जा रहा है। साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा जाएगा।
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गोशाला में मृत पड़ी गोवंश को चील कौवे वा कुत्ता नोच कर खा रहे थे। जिन की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। गोशाला में अधिकारियों द्वारा घोर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। अमर उजाला की खबर पड़ते ही बुधवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा और खंड विकास अधिकारी अतुल यादव ने पहुंचकर गाय के शव का पोस्टमार्टम करवाकर दफन कराया।