{"_id":"59eccb004f1c1b71548b8754","slug":"171508690688-etawah-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तबादला होने पर केस डायरी भी साथ लेकर चले गए दरोगा जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तबादला होने पर केस डायरी भी साथ लेकर चले गए दरोगा जी
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
ऊसराहार।
एक तरफ एसएसपी विवेचनाओं में तेजी के निर्देश जारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ थाना ऊसराहार में दो माह पूर्व तैनात रहे खरगपुर सरैया चौकी इंचार्ज तबादला होने के बाद भी मुकदमा की जांच संबंधी केस डायरी अपने साथ उठा ले गए। यही नहीं इस दौरान नए चौकी इंचार्ज की तैनाती भी हो गई। उनका भी तबादला हो गया। फिर भी मुकदमा के प्रपत्र वापस नहीं आ सके। एसओ के कई बार कहने के बाद भी दरोगा केस डायरी वापस नहीं भेज रहा है। दरोगा वर्तमान में बकेवर थाना में तैनात हैं।
थाना ऊसराहार क्षेत्र के खरगपुर सरैया चौकी इंचार्ज के तौर पर बृजेंद्र शर्मा की तैनाती थी। बीते चार अगस्त को उनका तबादला कर दिया गया था। इस दौरान वह कई मुकदमों की विवेचना कर रहे थे, दरोगा जी का तबादला तो कर दिया गया। परंतु दरोगा जी ने पुलिस महकमे की व्यवस्था का फायदा उठाते हुए जमीन के फर्जी बैनामा से संबंधित ग्राम मोहरी के अपराधिक वाद से संबंधित विवेचना के प्रपत्र भी साथ ले लिए। प्रपत्र को वापस लाने के लिए एसओ ऊसराहार ने सीओ की पेशी में उनसे केस डायरी वापस करने के संबंध में भी कहा, लेकिन दरोगा ने केस डायर नहीं दी। इस दौरान थाना ऊसराहार का एक सिपाही भी कागजात को वापस लेने के लिए गया लेकिन दरोगा ने फिर भी केस डायरी नहीं सौंपी। इस दौरान खरगपुर सरैया चौकी इंचार्ज के पद पर उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह की तैनाती कर दी गई और एक सप्ताह पूर्व उनका तबादला भी हो गया। उन्हें जांच के कागज तक न मिल सके। इसी कारण विवेचना अभी तक लंबित है। एसओ देवप्रकाश रावत ने बताया कि वह कई बार स्वयं दूरभाष से सूचना कर चुके हैं। साथ ही लिखित में भी दरोगा को सूचित कर चुके हैं। अब वह दरोगा के खिलाफ विभाग को कार्रवाई के लिए लिखेंगे। सीओ विकास जायसवाल का कहना है कि इस मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी करने के बात ही कुछ बता सकेंगे।
- केस डायरी लेकर चले गए दरोगा
- खरपुर सरैया चौकी इंचार्ज का तबादला
- वर्तमान में बकेवर थाने में हैं तैनात
विज्ञापन
ऊसराहार।
एक तरफ एसएसपी विवेचनाओं में तेजी के निर्देश जारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ थाना ऊसराहार में दो माह पूर्व तैनात रहे खरगपुर सरैया चौकी इंचार्ज तबादला होने के बाद भी मुकदमा की जांच संबंधी केस डायरी अपने साथ उठा ले गए। यही नहीं इस दौरान नए चौकी इंचार्ज की तैनाती भी हो गई। उनका भी तबादला हो गया। फिर भी मुकदमा के प्रपत्र वापस नहीं आ सके। एसओ के कई बार कहने के बाद भी दरोगा केस डायरी वापस नहीं भेज रहा है। दरोगा वर्तमान में बकेवर थाना में तैनात हैं।
थाना ऊसराहार क्षेत्र के खरगपुर सरैया चौकी इंचार्ज के तौर पर बृजेंद्र शर्मा की तैनाती थी। बीते चार अगस्त को उनका तबादला कर दिया गया था। इस दौरान वह कई मुकदमों की विवेचना कर रहे थे, दरोगा जी का तबादला तो कर दिया गया। परंतु दरोगा जी ने पुलिस महकमे की व्यवस्था का फायदा उठाते हुए जमीन के फर्जी बैनामा से संबंधित ग्राम मोहरी के अपराधिक वाद से संबंधित विवेचना के प्रपत्र भी साथ ले लिए। प्रपत्र को वापस लाने के लिए एसओ ऊसराहार ने सीओ की पेशी में उनसे केस डायरी वापस करने के संबंध में भी कहा, लेकिन दरोगा ने केस डायर नहीं दी। इस दौरान थाना ऊसराहार का एक सिपाही भी कागजात को वापस लेने के लिए गया लेकिन दरोगा ने फिर भी केस डायरी नहीं सौंपी। इस दौरान खरगपुर सरैया चौकी इंचार्ज के पद पर उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह की तैनाती कर दी गई और एक सप्ताह पूर्व उनका तबादला भी हो गया। उन्हें जांच के कागज तक न मिल सके। इसी कारण विवेचना अभी तक लंबित है। एसओ देवप्रकाश रावत ने बताया कि वह कई बार स्वयं दूरभाष से सूचना कर चुके हैं। साथ ही लिखित में भी दरोगा को सूचित कर चुके हैं। अब वह दरोगा के खिलाफ विभाग को कार्रवाई के लिए लिखेंगे। सीओ विकास जायसवाल का कहना है कि इस मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी करने के बात ही कुछ बता सकेंगे।
विज्ञापन
- केस डायरी लेकर चले गए दरोगा
- खरपुर सरैया चौकी इंचार्ज का तबादला
- वर्तमान में बकेवर थाने में हैं तैनात