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बारिश से मूंग की फसल को नुकसान की आशंका
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इटावा। बदली और बारिश ने मूंग की बुआई करने वाले किसानों को चिंता में डाल दिया है। इस समय जायद में बोई जानी वाली मूंग की फसल खेतों और खलिहानों में कटी पड़ी है। कुछ फसल खेतों में भी खड़ी है। फलियां पूरी तरह पक चुकी हैं। बारिश होने से फलियां चटक कर दाने खेत में बिखर जाते हैं। इससे किसानों को नुकसान होता है।
जिले में बड़े रकबे में जायद की मूंग फसल की बुआई की जाती है। इस समय ज्यादातर मूंग फसल कटकर खलिहानों और खेतों में पड़ी है। जो फसल खेतों में खड़ी है, वो भी पूरी तरह पक चुकी हैं। बारिश और बदली बनी रहने से खेत खलिहान में पड़ी फसल सड़ने की आशंका है। इसके अलावा खेत में खड़ी फसल की फलियां बारिश की बूंदों के साथ फट जाती हैं।
इससे दाने खेत में बिखर कर खराब हो जाते हैं। बुधवार को हुई बारिश से मूंग बोने वाले किसान चिंतित हो गए। जसवंतनगर क्षेत्र की किसान रामदीन, ऊसराहार के रामेश्वर और भरथना के राम लड़ैते ने कहा कि बारिश होने से कटी पड़ी फसल नम हो गई है। अगर आगे बारिश होती है या बादल छाए रहते हैं तो दाने के खराब होने की आशंका है। बस एक सप्ताह का समय मिल जाए, पूरी फसल घर पहुंच जाएगी।
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रम्पुरा गांव के किसान किसान रिंकू उपाध्याय ने कहा कि मौसम भले ही साफ हो जाए लेकिन बारिश होने से मूंग में को काफी नुकसान होगा। जयमलपुर गांव के बबलू अग्निहोत्री ने कहा कि पानी की भींगी मूंग का भाव भी बाजार में कम मिलता है। इन्हौआ गांव के किसान राजू तिवारी ने कहा कि मूंग को बहुत नुकसान हुआ है।
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जिले में बड़े रकबे में जायद की मूंग फसल की बुआई की जाती है। इस समय ज्यादातर मूंग फसल कटकर खलिहानों और खेतों में पड़ी है। जो फसल खेतों में खड़ी है, वो भी पूरी तरह पक चुकी हैं। बारिश और बदली बनी रहने से खेत खलिहान में पड़ी फसल सड़ने की आशंका है। इसके अलावा खेत में खड़ी फसल की फलियां बारिश की बूंदों के साथ फट जाती हैं।
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इससे दाने खेत में बिखर कर खराब हो जाते हैं। बुधवार को हुई बारिश से मूंग बोने वाले किसान चिंतित हो गए। जसवंतनगर क्षेत्र की किसान रामदीन, ऊसराहार के रामेश्वर और भरथना के राम लड़ैते ने कहा कि बारिश होने से कटी पड़ी फसल नम हो गई है। अगर आगे बारिश होती है या बादल छाए रहते हैं तो दाने के खराब होने की आशंका है। बस एक सप्ताह का समय मिल जाए, पूरी फसल घर पहुंच जाएगी।
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रम्पुरा गांव के किसान किसान रिंकू उपाध्याय ने कहा कि मौसम भले ही साफ हो जाए लेकिन बारिश होने से मूंग में को काफी नुकसान होगा। जयमलपुर गांव के बबलू अग्निहोत्री ने कहा कि पानी की भींगी मूंग का भाव भी बाजार में कम मिलता है। इन्हौआ गांव के किसान राजू तिवारी ने कहा कि मूंग को बहुत नुकसान हुआ है।