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उतर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने की जांच की मांग
Updated Tue, 30 Jan 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इसमें जवाहर इंटर कॉलेज चकरनगर के शिक्षक रणविजय को फीस जमा न करने के झूठे मामले में फंसाने का विरोध किया गया। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक व डीएम से साजिश की जांच कराने की मांग की गई। कहा गया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
जिलाध्यक्ष कवि कमलेश शर्मा, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव व मीडिया प्रभारी यादुवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य ने रणविजय सिंह को अवकाश से लौटने पर छात्रों की फीस जमा ही नहीं करने दी। वे प्रधानाचार्य व लिपिक के चक्कर काटते रहे, लेकिन जान बूझकर फीस जमा नहीं होने दी गई। मजबूरन दिसंबर की अंतिम तारीख को फीस जमा न होने के कारण छात्रों के नाम कक्षा से काट दिए गए। इसके बाद शिक्षक ने स्वयं छात्रों के पुन: प्रवेश फार्म भरें और प्रधानाचार्य से उनकी फीस जमा करने का आदेश देने का निवेदन किया। प्रधानाचार्य ने साजिशन आदेश ही नहीं दिए।
इसके बाद छात्रों से शिक्षक की शिकायत लिखवाकर अपने पास जमा कर ली। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अगर शिक्षक को न्याय नहीं मिला व षड्यंत्र करने वाले दोषी प्रधानाचार्य को दंडित नहीं किया गया तो जिले के शिक्षक आंदोलन करेंगे, ऐसी दशा में बोर्ड परीक्षा प्रभावित होने पर शिक्षक जिम्मेदार नहीं होंगे।
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- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने की जांच की मांग
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इटावा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इसमें जवाहर इंटर कॉलेज चकरनगर के शिक्षक रणविजय को फीस जमा न करने के झूठे मामले में फंसाने का विरोध किया गया। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक व डीएम से साजिश की जांच कराने की मांग की गई। कहा गया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
जिलाध्यक्ष कवि कमलेश शर्मा, जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव व मीडिया प्रभारी यादुवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य ने रणविजय सिंह को अवकाश से लौटने पर छात्रों की फीस जमा ही नहीं करने दी। वे प्रधानाचार्य व लिपिक के चक्कर काटते रहे, लेकिन जान बूझकर फीस जमा नहीं होने दी गई। मजबूरन दिसंबर की अंतिम तारीख को फीस जमा न होने के कारण छात्रों के नाम कक्षा से काट दिए गए। इसके बाद शिक्षक ने स्वयं छात्रों के पुन: प्रवेश फार्म भरें और प्रधानाचार्य से उनकी फीस जमा करने का आदेश देने का निवेदन किया। प्रधानाचार्य ने साजिशन आदेश ही नहीं दिए।
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इसके बाद छात्रों से शिक्षक की शिकायत लिखवाकर अपने पास जमा कर ली। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अगर शिक्षक को न्याय नहीं मिला व षड्यंत्र करने वाले दोषी प्रधानाचार्य को दंडित नहीं किया गया तो जिले के शिक्षक आंदोलन करेंगे, ऐसी दशा में बोर्ड परीक्षा प्रभावित होने पर शिक्षक जिम्मेदार नहीं होंगे।
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