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मौलाना ने पेश किए कलाम
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इटावा। नगर की गोले वाली मस्जिद परिसर में जश्न-ए-ख्वाजा गरीब नवाज को खिताब करते हुए इटावा ईदगाह इमाम हाजी हाफिज मौलाना कमालुद्दीन अशरफी ने ख्वाजा गरीब नवाज की हयात-ए-जिंदगी बयां की।
उन्होंने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज ने बचपन से खुदा की इबादत को जिंदगी का मकसद बनाया। उनका लगाव हमेशा इस्लाम राहे दीन से रहा और आप हिंदुस्तान की सरजमीन पर तशरीफ लाए। उन्हें ख्वाजा हिन्द-ए-हिन्दवली के नाम से भी पुकारा गया। उन्होंने जीवन में 90 लाख से अधिक लोगों को कलमा पढ़ा कर राहे दीन मार्ग दिया। अजमेर में रहकर उन्होंने देश में प्रेम मोहब्बत फैलाई। देर रात चली महफिल में सरायखाम जामा मस्जिद के इमाम हाफिज कारी हमीदुल्ला साहब, लुधपुरा मस्जिद इमाम हाजी हाफिज मो.सईद आलम अशरफी करहलवी ने भी कलाम पेश किए।
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उन्होंने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज ने बचपन से खुदा की इबादत को जिंदगी का मकसद बनाया। उनका लगाव हमेशा इस्लाम राहे दीन से रहा और आप हिंदुस्तान की सरजमीन पर तशरीफ लाए। उन्हें ख्वाजा हिन्द-ए-हिन्दवली के नाम से भी पुकारा गया। उन्होंने जीवन में 90 लाख से अधिक लोगों को कलमा पढ़ा कर राहे दीन मार्ग दिया। अजमेर में रहकर उन्होंने देश में प्रेम मोहब्बत फैलाई। देर रात चली महफिल में सरायखाम जामा मस्जिद के इमाम हाफिज कारी हमीदुल्ला साहब, लुधपुरा मस्जिद इमाम हाजी हाफिज मो.सईद आलम अशरफी करहलवी ने भी कलाम पेश किए।
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