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एक साल बाद बेटे को देख परिवार में खुशियां लौटी
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
एक साल पहले घर से अचानक लापता हुआ युवक समाजसेवियों की मदद से अपने घर पहुंच गया। परिवार के लोग उसके वापस आने पर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
जसवंतनगर थाना केनगला इंछा गांव निवासी प्रदीप कुमार का 20 वर्षीय पुत्र बंटी उर्फ हितेंद्र करीब एक साल पहले घर से अचानक लापता हो गया। वह किसी तरह से गुजरात के भुज शहर में पहुंच गया। समाजसेवी ने भुज से उसे बदहवास स्थिति में श्रद्धा पुनर्वास संस्था में भर्ती किया। उस समय बंटी कुछ भी बता पाने में असमर्थ था। कई बार पूछा गया लेकिन कुछ नहीं बता सका। श्रद्धा पुनर्वास संस्था मुंबई के फाउंडर ट्रस्टी ने डॉ. भरत वाटवानी की देखरेख में बंटी का इलाज कराया। काउंसलिंग की गई। करीब पांच माह तक लगातार चले मानसिक उपचार से सुधार होने पर बंटी ने अपना नाम पता बताया। तब श्रद्धा संस्था से जुड़े बरेली के मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शैलेश कुमार शर्मा बंटी को उसके परिवार से मिलाने उसे लेकर उसके घर पहुंचे। बंटी को देखकर गांव वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। सबने बंटी के लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। पिता प्रदीप ने बंटी को देखते ही गले लगा लिया। बंटी के पिता ने बताया की चार साल पहले बंटी की मां का देहांत हो गया था। बंटी की एक बहन शिवानी है। बंटी ने साइंस से 12वीं किया था और 80 फीसदी नंबरआए थे। परिजनों ने समाजसेवी संस्था का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।
- एक साल बाद बेटे को देख परिवार में खुशियां लौटी
- समाजसेवी शैलेश की मदद से घर पहुंचा बंटी
फोटो नंबर 25- एक साल बाद अपने घर आया बंटी परिजनों के साथ
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इटावा।
एक साल पहले घर से अचानक लापता हुआ युवक समाजसेवियों की मदद से अपने घर पहुंच गया। परिवार के लोग उसके वापस आने पर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
जसवंतनगर थाना केनगला इंछा गांव निवासी प्रदीप कुमार का 20 वर्षीय पुत्र बंटी उर्फ हितेंद्र करीब एक साल पहले घर से अचानक लापता हो गया। वह किसी तरह से गुजरात के भुज शहर में पहुंच गया। समाजसेवी ने भुज से उसे बदहवास स्थिति में श्रद्धा पुनर्वास संस्था में भर्ती किया। उस समय बंटी कुछ भी बता पाने में असमर्थ था। कई बार पूछा गया लेकिन कुछ नहीं बता सका। श्रद्धा पुनर्वास संस्था मुंबई के फाउंडर ट्रस्टी ने डॉ. भरत वाटवानी की देखरेख में बंटी का इलाज कराया। काउंसलिंग की गई। करीब पांच माह तक लगातार चले मानसिक उपचार से सुधार होने पर बंटी ने अपना नाम पता बताया। तब श्रद्धा संस्था से जुड़े बरेली के मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शैलेश कुमार शर्मा बंटी को उसके परिवार से मिलाने उसे लेकर उसके घर पहुंचे। बंटी को देखकर गांव वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। सबने बंटी के लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। पिता प्रदीप ने बंटी को देखते ही गले लगा लिया। बंटी के पिता ने बताया की चार साल पहले बंटी की मां का देहांत हो गया था। बंटी की एक बहन शिवानी है। बंटी ने साइंस से 12वीं किया था और 80 फीसदी नंबरआए थे। परिजनों ने समाजसेवी संस्था का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।
- एक साल बाद बेटे को देख परिवार में खुशियां लौटी
- समाजसेवी शैलेश की मदद से घर पहुंचा बंटी
फोटो नंबर 25- एक साल बाद अपने घर आया बंटी परिजनों के साथ