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खामोशी से गुजर गया विश्व रक्तदाता दिवस
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:22 PM IST
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जनपद में रक्त की कमी को दूर करने के लिए लगभग तीन साल पहले 18 लाख
रुपये की लागत से ब्लड बैंक की स्थापना की गई। परिवहन राज्य मंत्री मानपाल
सिंह ने इसका उद्घाटन किया। ब्लड बैंक शुरू हो जाने पर लोगों को लगा कि अब
जरूरत के समय खून के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। लेकिन उद्घाटन के एक
माह बाद ही इस पर ताले लटक गए। शासन ने ब्लड बैंक में नियुक्त कर्मियों का
स्थानांतरण भी कर दिया। तब से आज तक कर्मियों की तैनाती यहां नहीं हो सकी।
तीन साल के इस अंतराल में खून की कमी से दर्जनों लोग हादसों में घायल होकर काल के गाल में समा चुके हैं। इसके बाद भी शासन को कर्मियों की नियुक्त करने को लेकर चिंता नहीं है। स्वास्थ विभाग को भी ब्लड बैंक के बंद होने का बहाना मिल गया। रविवार को विभाग ने कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया।
ब्लड बैंक चालू न होने से रक्त संग्रह की दिक्कत को देखते हुए कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया। ब्लड बैंक को फिर से चालू कराने के लिए कर्मियों की डिमांड भेजी जा रही है।
- डा. सत्य सिंह सीएमओ
तीन साल के इस अंतराल में खून की कमी से दर्जनों लोग हादसों में घायल होकर काल के गाल में समा चुके हैं। इसके बाद भी शासन को कर्मियों की नियुक्त करने को लेकर चिंता नहीं है। स्वास्थ विभाग को भी ब्लड बैंक के बंद होने का बहाना मिल गया। रविवार को विभाग ने कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया।
ब्लड बैंक चालू न होने से रक्त संग्रह की दिक्कत को देखते हुए कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया। ब्लड बैंक को फिर से चालू कराने के लिए कर्मियों की डिमांड भेजी जा रही है।
- डा. सत्य सिंह सीएमओ