{"_id":"697a4e8153b04cff1e047ccc","slug":"work-on-oxygen-supply-started-in-emergency-etah-news-c-163-1-eta1001-145588-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: इमरजेंसी में ऑक्सीजन आपूर्ति का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: इमरजेंसी में ऑक्सीजन आपूर्ति का काम शुरू
Wed, 28 Jan 2026 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:29 PM IST
विज्ञापन
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। इमरजेंसी को अब तीन अलग-अलग रेड, येलो और ग्रीन जोन में विभाजित किया जाएगा। ताकि, मरीजों को उनकी गंभीरता के अनुसार त्वरित और बेहतर उपचार मिल सके। इसके लिए इमरजेंसी में ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ करने का काम शुरू कर दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि रेड जोन में अत्यधिक गंभीर मरीजों को रखा जाएगा। यहां तत्काल और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। येलो जोन में गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा। जबकि, ग्रीन जोन में सामान्य मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। इस व्यवस्था से इमरजेंसी में मरीजों की बेहतर छंटनी हो सकेगी और उपचार में लगने वाला समय भी कम होगा।
उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति को मजबूत करने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अत्यधिक गंभीर मरीजों का उपचार यहीं संभव हो सकेगा। इससे उन्हें अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का मानना है कि तीन जोन की यह व्यवस्था इमरजेंसी सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाएगी। इससे मरीजों और उनके परिजन को बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि रेड जोन में अत्यधिक गंभीर मरीजों को रखा जाएगा। यहां तत्काल और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। येलो जोन में गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा। जबकि, ग्रीन जोन में सामान्य मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। इस व्यवस्था से इमरजेंसी में मरीजों की बेहतर छंटनी हो सकेगी और उपचार में लगने वाला समय भी कम होगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन आपूर्ति को मजबूत करने के लिए आवश्यक तकनीकी कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अत्यधिक गंभीर मरीजों का उपचार यहीं संभव हो सकेगा। इससे उन्हें अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता कम पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का मानना है कि तीन जोन की यह व्यवस्था इमरजेंसी सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाएगी। इससे मरीजों और उनके परिजन को बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन