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11 वर्ष बाद भी प्रावि मुबारकपुर में जंगला-रोशनदान पर नहीं लगीं खिड़कियां

Thu, 06 Aug 2020 11:38 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 11:38 PM IST
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एटा। परिषदीय स्कूल मुबारकपुर का निर्माण ग्यारह वर्ष पहले किया गया था। इसमें जंगले-रोशनदान लगाकर छोड़ दिए गए थे, लेकिन अब तक इसमें लकड़ी के किवाड़ तक नहीं लगाए जा सके हैं। ठंड के दौरान गलन, गर्मियों में लू तथा बारिश से शिक्षक और विद्यार्थी परेशान रहते हैं। बच्चों, अभिभावकों ने विभागीय अधिकारियों एवं प्रधानाध्यापिका ने सीएम पोर्टल पर भी इसकी शिकायत की है। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
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शासन का मिशन कायाकल्प भी परिषदीय स्कूलों की तस्वीर नहीं बदल पा रहा। इतना ही नहीं ग्यारह वर्ष से अधूरे पड़ा निर्माण की भी कोई सुध नहीं ले रहा। मामला सकीट ब्लाक के प्रावि मुबारक पुर का है। वर्ष 2009 में यहां स्कूल भवन का निर्माण किया गया।
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नक्शे के अनुसार भवन में 18 जंगले और रोशनदान बनाए गए, लेकिन अभी तक इनमें लकड़ी के किवाड़ तक नहीं लग सके हैं। अभिभावकों का कहना है कि जाडे़ के समय मेें कमरों में ठंडी हवा और गर्मियों में गरम हवा के साथ बारिश का पानी भी आता है। इससे बच्चों को परेशानी होती है।
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प्रधानाध्यापक सुनीता यादव ने बताया कि 2009 में बने भवन में बने 18 जंगलों व रोशनदान में लकड़ी के किवाड़ नहीं लगे हैं। ऐसे में ठंडी एवं गरम हवाओं से बच्चे परेशान रहते हैं। अभिभावकों के अलावा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

शिकायत मिली है। संबंधित निर्माण प्रभारियों को नोटिस जारी कर अविलंब कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य पूरा न कराने पर वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी काम न होने पर रिकवरी जारी की जाएगी।
-भारती शाक्य, खंड शिक्षा अधिकारी, सकीट
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