एटा। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत बुधवार को दीपाशीष अतिथिगृह के सभागार में दिव्यांग बच्चों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। डायट प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि निपुण भारत बनाने के लक्ष्य की ओर हम सभी अग्रसर हैं। दिव्यांग बच्चों को भी लक्ष्यों को हासिल कराने के उद्देश्य से यह कार्यशाला बहुत ही महत्वपूर्ण है। शिक्षकों व एआरपी से आह्वान किया कि वह टीम बनाकर कार्य करें।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने कहा एक समय था जब मात्र सात प्रकार की दिव्यांगता थी। अब यह 21 प्रकार की हो गई है। उन्होंने राज्य व ब्लॉक स्तरीय संदर्भ दाताओं के साथ-साथ स्पेशल एजुकेटर से आह्वान किया वह विद्यालय पहुंच कर निपुण अभियान में शिक्षकों को जानकारी देकर उनका सहयोग लें। जिला समन्वयक संजय मिश्रा ने दिव्यागंता को विस्तार से समझाते हुए कहा कि बच्चे में क्षमता का कुछ अभाव हो सकता है। हमें उन्हीं क्षमताओं को वातावरण देकर समावेशी शिक्षा के माध्यम से निपुण लक्ष्यों को हासिल करना है। कार्यशाला में शिक्षिका अंजली मिश्रा, प्रशांत पांडेय आदि ने भी जानकारी दी। खंड शिक्षाधिकारी अनिल कुमार, धर्मराज सरोज, आनंद, सुरेंद्र, गौरव मिश्रा आदि शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद रहे।