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रंग बिरंगी पिचकारी व गुलाल के साथ बाजार गुलजार

Fri, 26 Mar 2021 11:35 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Mar 2021 11:35 PM IST
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watergun sell in etah due to holi
घंटाघर पर सजी रंग गुलाल की दुकान।संवाद - फोटो : ETAH
होली के त्योहार में सिर्फ एक दिन शेेष है। शहर से लेकर जिला तक बाजार रंग-गुलाल व पिचकारी से सज गए हैं। ग्राहक भी रंग-गुलाल और पिचकारियों की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में इस बार नया गुलाल आने से और भी ज्यादा बिक्री हो रही है। व्यापारियों को उम्मीद है कि रंगोत्सव का त्योहार करीब पचास लाख के आसपास हो जाएगा।
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शहर के घंटाघर, हाथी गेट व जीटी रोड, रेलवे रोड, ठंडी सड़क पर रंग, गुलाल व पिचकारियों के फड़ सज चुके हैं। वहीं होली खेलने में सिर्फ दो ही दिन बाकी हैं। ऐसे में ग्राहक पहले से ही रंग व गुलाल खरीदकर अपने घर ले जा रहे हैं। शहर में अचानक भीड़ बढ़ने से सुबह से दोपहर तक जीटी रोड पर जाम के हालात बने रहे।
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- इस बार पिचकारियों में नया माल नहीं मंगाया गया है। पहले का ही रखा हुआ सामान बेच रहे हैं। इस बार पिचकारियों पर रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। फिर भी बाजार में करीब पचास लाख के कारोबार का अनुमान है।
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प्रदीप, पिचकारी विक्रेता
रंग और गुलाल इस बार हाथरस से मंगाया है, जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं और खरीद भी रहे हैं। हाथरस के गुलाल में एक अनोखी सुगंध है, जिससे लोग सूंघते ही खुश हो जाते हैं और खरीदकर घर ले जा रहे हैं।
बब्बू, रंग-गुलाल विक्रेता
पहले त्योहारों में मेल मिलाप था। महिलाएं एक दूसरे के यहां व्यंजन बनवाने जाती थीं। हंसी ठिठोली में ही काम पूरा हो जाता था। अब होली का पर्व फीका होता जा रहा है।

मुन्नी देवी, गृहणी
जब हम लोग छोटे थे। उस समय लोगों में आपसी प्रेम था सभी ओर त्योहारों पर प्रेम व सौहार्द दिखाई देता था पूरे गांव में होली खेलने के लिए चले जाते थे।
मिथलेश कुमारी, गृहणी
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होली से पहले ही चारों और उत्साह का माहौल दिखाई देता था। शिव रात्रि के बाद से ही लोग होली की तैयारियों में जुट जाते थे। अब फाग को नई पीढ़ी भूल गई।
शिव स्वरूप गुप्ता,
होली में चंदा करके कड़ाही में रंग घोला जाता था, फाग के आयोजनों में पूरी रात होली गीत गाया करते थे, गीत तो दूर अब लोग एक दूसरे से मिलने तक नहीं आते हैं
कनही लाल

जीटी रोड़ पर सजी पिचकारी और गुलाल की दुकान।संवाद

जीटी रोड़ पर सजी पिचकारी और गुलाल की दुकान।संवाद- फोटो : ETAH

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