एटा। विधानसभा चुनाव में मतदाताओं पर मतदान करने का खुमार सुबह से ही छाया रहा। किसानों ने सारे काम छोड़कर पहले मतदान किया, फिर खेतों में पहुंचे। पहले काम को तबज्जो नहीं दी। सबसे पहले लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बूथों की ओर कदम बढ़ाए। लोगों के लिए अन्नदाता की भूमिका निभाने वाले किसानों ने लोकतंत्र के महापर्व में भी अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभाई। मतदान के महत्व को समझा और ईवीएम का बटन दबाने के बाद ही कृषि संबंधी कार्यों पर ध्यान दिया।
विधानसभा मारहरा के मतदान केंद्र धिरामई पांच विस्बा के किसान कृपाल सिंह ने बताया कि सबसे पहले मतदान किया, इसके बाद खेतों में पानी लगाने के लिए आए हैं। मतदान बहुत जरूरी है, खेत में पानी बाद में भी लग सकता है। इसलिए पहले वोट डालना ही ठीक समझा। यहीं के 70 वर्षीय रामपाल सिंह ने कहा कि अब मतदान का महत्व हर व्यक्ति समझने लगा है। अधिकारियों ने भी पहले मतदान करने के लिए प्रेरित किया। उनकी बात समझ में आई और पहले मतदान करने पहुंचे। इसके बाद फसल में पानी लगाने आए हैं।