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Etah News: देवप्रकाश की गिरफ्तारी के बाद सहयोगियों में बेचैनी
Sat, 06 Jul 2024 10:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 06 Jul 2024 10:42 PM IST
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एटा। सत्संग हादसे का मुख्य आरोप सेवादार देवप्रकाश मधुकर गिरफ्तार हो चुका है। वह मूल रूप से अवागढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इस घटनाक्रम के बाद अब उसके सहयोगियों में भी बेचैनी है। चिंता सता रही है कि देवप्रकाश से पूछताछ के आधार पर कहीं वह भी कार्रवाई के शिकंजे में न फंस जाएं।
देवप्रकाश मधुकर अवागढ़़ थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर का रहने वाला है। एटा में ही मनरेगा में संविदा पर तकनीकी सहायक के रूप में नौकरी करता था। करीब डेढ़ दशक पहले वह सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के संपर्क में आया था और सेवा में लग गया। इसके बाद उसे बड़ा दायित्व देकर मुख्य सेवादार बना दिया गया था। वह लगातार अपने गांव सहित आसपास के गांव और एटा मुख्यालय पर भी लोगों से संपर्क कर बाबा के बारे में बताता और लोगों काे उनके सत्संग से जोड़ता रहा था। इस बीच कुछ सेवादार भी बनाए। जो सहयोगी के रूप में उसके साथ कार्य करते थे।
कुछ दिन पहले तक पूरे उत्साह के साथ काम करने वाले इन सहयोगियों की अब चिंताएं बढ़ी हुई हैं। खासतौर से मधुकर के गिरफ्तार होने के बाद सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब वह किस-किसके नाम पुलिस को बताता है। एफआईआर में उसके अलावा किसी का नाम नहीं है। ऐसे में जांच के दौरान जो भी नाम सामने आएंगे, उस पर पुलिस कार्रवाई का शिकंजा कसता जाएगा।
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देवप्रकाश मधुकर अवागढ़़ थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर का रहने वाला है। एटा में ही मनरेगा में संविदा पर तकनीकी सहायक के रूप में नौकरी करता था। करीब डेढ़ दशक पहले वह सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के संपर्क में आया था और सेवा में लग गया। इसके बाद उसे बड़ा दायित्व देकर मुख्य सेवादार बना दिया गया था। वह लगातार अपने गांव सहित आसपास के गांव और एटा मुख्यालय पर भी लोगों से संपर्क कर बाबा के बारे में बताता और लोगों काे उनके सत्संग से जोड़ता रहा था। इस बीच कुछ सेवादार भी बनाए। जो सहयोगी के रूप में उसके साथ कार्य करते थे।
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कुछ दिन पहले तक पूरे उत्साह के साथ काम करने वाले इन सहयोगियों की अब चिंताएं बढ़ी हुई हैं। खासतौर से मधुकर के गिरफ्तार होने के बाद सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब वह किस-किसके नाम पुलिस को बताता है। एफआईआर में उसके अलावा किसी का नाम नहीं है। ऐसे में जांच के दौरान जो भी नाम सामने आएंगे, उस पर पुलिस कार्रवाई का शिकंजा कसता जाएगा।
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