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Etah News: नगर पालिका के तीन नमूने फेल, दूषित पानी पी रहे लोग
Fri, 30 Jan 2026 11:00 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:00 PM IST
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जीटी रोड स्थित जल परीक्षण प्रयोगशाला। संवाद
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एटा। इंदौर में दूषित पाने से कई लोगों की मौत हो गई। जलनिगम की प्रयोगशाला की रिपोर्ट में नगर पालिका परिषद के तीन नलकूप के सेंपल फेल हो चुके हैं। तीन नलकूप से करीब एक हजार से अधिक की आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है।
चार साल बाद नगर पालिका ने पानी की जांच के लिए 12 जनवरी को 18 नलकूप के नमूने जलनिगम की प्रयोगशाला को भेजे थे। इसमें तीन नलकूप के नमूने फेल हुए हैं। मानक के अनुसार तीनों नलकूप के पानी में टीडीएस चार गुना अधिक मिला है।
देहात कोतवाली, डूडा कार्यालय और पीएसी पर लगे नलकूप के नमूने फेल हो चुके है। देहात कोतवाली पर लगे नलकूप का टीडीएस 2 हजार मिलीग्राम, डूडा कार्यालय के पास लगे नलकूप का टीडीएस 1680 मिलीग्राम और पीएसी पर लगे नलकूप का टीडीएस 1800 मिलीग्राम पाया गया।
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जबकि शुद्ध पेयजल का टीडीएस 500 से 600 मिलीग्राम के बीच होना चाहिए। इसके साथ ही निजी स्रोतों से की गई जांचों के अनुसार शहर में बोरिंग के साथ ही नगर पालिका की आपूर्ति से मिलने वाले पानी में भी शुद्धता के मानक पूरे नहीं हो रहे। कई इलाकों में भूजल का टीडीएस मानक मात्रा 500 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर पहुंच चुका है। पानी की समय-समय पर जांच कराने के लिए जल निगम की परीक्षण प्रयोगशाला बनी हुई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर पानी को उपचारित कर जलापूर्ति दी जानी चाहिए।
इन क्षेत्रों में 1200 से अधिक टीडीएस की मात्रा : कचहरी रोड, सिविल लाइंस, डूडा ऑफिस, पुलिस लाइन, लालपुर आदि क्षेत्रों में टीडीएस की मात्रा 1200 मिलीग्राम प्रतिलीटर तक पहुंच चुकी है। इन इलाकों की करीब 14 हजार की आबादी को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।
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चार साल बाद नगर पालिका ने पानी की जांच के लिए 12 जनवरी को 18 नलकूप के नमूने जलनिगम की प्रयोगशाला को भेजे थे। इसमें तीन नलकूप के नमूने फेल हुए हैं। मानक के अनुसार तीनों नलकूप के पानी में टीडीएस चार गुना अधिक मिला है।
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देहात कोतवाली, डूडा कार्यालय और पीएसी पर लगे नलकूप के नमूने फेल हो चुके है। देहात कोतवाली पर लगे नलकूप का टीडीएस 2 हजार मिलीग्राम, डूडा कार्यालय के पास लगे नलकूप का टीडीएस 1680 मिलीग्राम और पीएसी पर लगे नलकूप का टीडीएस 1800 मिलीग्राम पाया गया।
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जबकि शुद्ध पेयजल का टीडीएस 500 से 600 मिलीग्राम के बीच होना चाहिए। इसके साथ ही निजी स्रोतों से की गई जांचों के अनुसार शहर में बोरिंग के साथ ही नगर पालिका की आपूर्ति से मिलने वाले पानी में भी शुद्धता के मानक पूरे नहीं हो रहे। कई इलाकों में भूजल का टीडीएस मानक मात्रा 500 मिलीग्राम प्रतिलीटर से ऊपर पहुंच चुका है। पानी की समय-समय पर जांच कराने के लिए जल निगम की परीक्षण प्रयोगशाला बनी हुई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर पानी को उपचारित कर जलापूर्ति दी जानी चाहिए।
इन क्षेत्रों में 1200 से अधिक टीडीएस की मात्रा : कचहरी रोड, सिविल लाइंस, डूडा ऑफिस, पुलिस लाइन, लालपुर आदि क्षेत्रों में टीडीएस की मात्रा 1200 मिलीग्राम प्रतिलीटर तक पहुंच चुकी है। इन इलाकों की करीब 14 हजार की आबादी को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।