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इस बार मक्का खरीद की बोहनी तक नहीं
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एटा। मक्का खरीद के लिए चार क्रय केंद्र बनाए गए थे, लेकिन शासन से निर्धारित मूल्य से अधिक दाम निजी आढ़तों पर रहा। जिसके चलते सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। स्थिति यह रही कि जिले में मक्का खरीद की बोहनी तक नहीं हुई।
मक्का खरीद केंद्र 15 सितंबर से 31 दिसंबर तक संचालित किए गए। जिन्हें तीन हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। केंद्रों पर मक्का लाई जाए इसके लिए किसानों से संपर्क भी किया गया। लेकिन उसका कोई असर नहीं पड़ा। इसका सबसे बड़ा कारण था कि शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर आढ़तियों द्वारा मक्का खरीदी गई।
आढ़तियों ने 2400 रुपये क्विंटल तक खरीदी मक्का
आढ़तियों ने इस बार मक्का 2300 से 2400 रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर समर्थन मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल का रखा गया था।
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मक्का खरीद केंद्र 15 सितंबर से 31 दिसंबर तक संचालित किए गए। जिन्हें तीन हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। केंद्रों पर मक्का लाई जाए इसके लिए किसानों से संपर्क भी किया गया। लेकिन उसका कोई असर नहीं पड़ा। इसका सबसे बड़ा कारण था कि शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर आढ़तियों द्वारा मक्का खरीदी गई।
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आढ़तियों ने 2400 रुपये क्विंटल तक खरीदी मक्का
आढ़तियों ने इस बार मक्का 2300 से 2400 रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर समर्थन मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल का रखा गया था।
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