{"_id":"69122cfc8011f754da0f5515","slug":"theres-noise-about-vote-theft-yet-the-vigilance-is-weak-etah-news-c-163-1-sagr1016-141714-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: वोट चोरी का शोर फिर भी पहरेदारी कमजोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: वोट चोरी का शोर फिर भी पहरेदारी कमजोर
Mon, 10 Nov 2025 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 10 Nov 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
राजीव वर्मा
एटा। बिहार में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान वोट चोरी का खूब हल्ला कटा। अब ये एसआईआर उत्तर प्रदेश में आ गया है। मजे की बात है कि वोट चोरी का हल्ला काटने वाले प्रमुख दल कांग्रेस ने यहां अब तक कोई पहरेदारी ही नहीं की है।
किसी भी बूथ पर अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) तैनात नहीं किए हैं। सपा को छोड़ अन्य सभी विपक्षी दल का यही हाल है। एसआईआर में बीएलए की भूमिका को शुरू से ही महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि राजनीतिक दल सभी बूथ क्षेत्रों में बीएलए जरूर नियुक्त करें जो बीएलओ के कामकाज पर नजर रखें।
अगर बीएलओ कहीं किसी तरह की गड़बड़ी करता है तो बीएलए इसे पकड़कर अधिकारियों के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत कर दें और गड़बड़ी का सुधार किया जा सके। सभी राजनीतिक दलों को एसआईआर शुरू होने से पहले ही बीएलए बनाए जाने के लिए कह दिया गया था। एसआईआर 4 नवंबर से शुरू हो चुका है लेकिन भाजपा, सपा को छोड़ किसी अन्य दल ने एक भी बीएलए नहीं बनाया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा। बिहार में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान वोट चोरी का खूब हल्ला कटा। अब ये एसआईआर उत्तर प्रदेश में आ गया है। मजे की बात है कि वोट चोरी का हल्ला काटने वाले प्रमुख दल कांग्रेस ने यहां अब तक कोई पहरेदारी ही नहीं की है।
किसी भी बूथ पर अपने बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) तैनात नहीं किए हैं। सपा को छोड़ अन्य सभी विपक्षी दल का यही हाल है। एसआईआर में बीएलए की भूमिका को शुरू से ही महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि राजनीतिक दल सभी बूथ क्षेत्रों में बीएलए जरूर नियुक्त करें जो बीएलओ के कामकाज पर नजर रखें।
विज्ञापन
अगर बीएलओ कहीं किसी तरह की गड़बड़ी करता है तो बीएलए इसे पकड़कर अधिकारियों के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत कर दें और गड़बड़ी का सुधार किया जा सके। सभी राजनीतिक दलों को एसआईआर शुरू होने से पहले ही बीएलए बनाए जाने के लिए कह दिया गया था। एसआईआर 4 नवंबर से शुरू हो चुका है लेकिन भाजपा, सपा को छोड़ किसी अन्य दल ने एक भी बीएलए नहीं बनाया है। संवाद
विज्ञापन