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नगरवासियों की आवाज सरकार तक पहुंची
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 24 Dec 2015 10:51 PM IST
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बाईपास निर्माण की मांग पर अमर उजाला के अभियान ने पहली सफलता पा ली है। इस मुहिम के तहत बुलंद हुई नगरवासियों की आवाज प्रदेश शासन तक न केवल पहुंची बल्कि सुनी भी गई। असर यह कि शासन से प्रशासन तक कैनाल रूट प्रस्ताव की पत्रावली घूमने लगी। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक मानपाल सिंह ने नगरवासियों को भरोसा दिया कि कैनाल रूट का प्रस्ताव आने वाले बजट में शामिल कराया जाएगा। इसके निर्माण से बाईपास की जरूरत ही पूरी नहीं होगी, कई और भी फायदे होंगे।
परिवहन राज्यमंत्री ने बताया कि बाईपास की मांग को देखते हुए उन्होंने लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव से कैनाल रूट के प्रस्ताव को आम बजट में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। जनवरी में जब विधानसभा का सत्र होगा तब यह प्रस्ताव बजट में शामिल रहेगा। शिवपाल ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से इस संबंध में बात की और प्रस्ताव बनाकर भेजने को कह भी दिया है। मानपाल सिंह ने बताया कि एक जिला मुख्यालय को दूसरे जिला मुख्यालय से फोर लेन सड़क के जरिए जोड़ने की योजना में यह सड़क कैनाल रूट से निकालने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके दो फायदे होंगे। एक तो सोरों के नजदीक बन रहे जिला मुख्यालय को कैनाल रूट के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। इससे फोर लेन और बाईपास पर अलग-अलग धन नहीं व्यय करना होगा। सिर्फ 6 किलोमीटर अतिरिक्त सड़क बनानी पड़ेगी। इससे दो योजनाओं का क्रियान्वयन भी होगा और जनता को भारी यातायात के दबाव से छुटकारा भी मिल जाएगा। मानपाल सिंह ने बताया कि वह पुन: लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री और लोकनिर्माण मंत्री से मुलाकात करेंगे और इसी बजट में योजना पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएंगे।
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यह उचित समाधान है
भारत विकास परिषद के संस्थापक संतोष अग्रवाल ने कहा कि नगर के बीच से फोरलेन निकाला जाना उचित नहीं होता। इसके लिए होने वाले चौड़ीकरण से नरवासियों व खासकर व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा। ऐसी स्थिति में फोरलेन को कैनाल रूट से ही निकाला जाना उचित और समस्या का स्थायी समाधान होगा।
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परिवहन राज्यमंत्री ने बताया कि बाईपास की मांग को देखते हुए उन्होंने लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव से कैनाल रूट के प्रस्ताव को आम बजट में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। जनवरी में जब विधानसभा का सत्र होगा तब यह प्रस्ताव बजट में शामिल रहेगा। शिवपाल ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से इस संबंध में बात की और प्रस्ताव बनाकर भेजने को कह भी दिया है। मानपाल सिंह ने बताया कि एक जिला मुख्यालय को दूसरे जिला मुख्यालय से फोर लेन सड़क के जरिए जोड़ने की योजना में यह सड़क कैनाल रूट से निकालने पर विचार किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इसके दो फायदे होंगे। एक तो सोरों के नजदीक बन रहे जिला मुख्यालय को कैनाल रूट के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। इससे फोर लेन और बाईपास पर अलग-अलग धन नहीं व्यय करना होगा। सिर्फ 6 किलोमीटर अतिरिक्त सड़क बनानी पड़ेगी। इससे दो योजनाओं का क्रियान्वयन भी होगा और जनता को भारी यातायात के दबाव से छुटकारा भी मिल जाएगा। मानपाल सिंह ने बताया कि वह पुन: लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री और लोकनिर्माण मंत्री से मुलाकात करेंगे और इसी बजट में योजना पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएंगे।
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यह उचित समाधान है
भारत विकास परिषद के संस्थापक संतोष अग्रवाल ने कहा कि नगर के बीच से फोरलेन निकाला जाना उचित नहीं होता। इसके लिए होने वाले चौड़ीकरण से नरवासियों व खासकर व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा। ऐसी स्थिति में फोरलेन को कैनाल रूट से ही निकाला जाना उचित और समस्या का स्थायी समाधान होगा।