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Etah News: पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
Tue, 24 Mar 2026 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:31 PM IST
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कस्बा सकीट में बहन की शादी में आ रहे भाई की मौत के बाद गमगीन परिवार। संवाद
सकीट। गांव दोदलपुर में बहन की शादी में शामिल होने गाजियाबाद से आ रहे भाई की हादसे मेें मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। उसके पांच छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठा गया है। बच्चे पिता को याद कर रो रहे हैं।
गांव दोदलपुर निवासी ब्रजेश कुमार गाजियाबाद में रहकर मेहनत मजदूरी करते थे। 23 मार्च को गांव में बहन काजल की शादी होनी थी। 22 मार्च की रात बहन की शादी में शामिल होने के लिए दोस्त के साथ बाइक पर आते समय हादसा हो गया था। दादरी के पास ट्रक की टक्कर से ब्रजेश और उसके दोस्त की मौत हो गई थी। सोमवार को आनन-फानन शादी की रस्में हुईं। बहन की विदाई के बाद भाई की अर्थी उठी तो हर किसी की आंख नम हो गईं।
ब्रजेश अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे, दो बेटियां और मां को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। छोटे-छोटे बच्चे पिता की याद में बिलख रहे हैं। सोमवार को देर शाम भाई का शव पहुंचने की सूचना पर विदा हुई बहन ससुराल से लौटकर मायके आई। भाई के शव को देखकर वह बार-बार बेहोश हो रही थी।
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परिवार के सामने आर्थिक संकट
ब्रजेश का एक कमरे का मकान है। इसके बाद तिरपाल डली हुई है। उसमें ब्रजेश की पत्नी, बच्चे और मां रहती हैं। ब्रजेश चार भाइयों में सबसे बड़ा था। तीन भाई अलग मकान में रहते हैं। पिता का कई वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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गांव दोदलपुर निवासी ब्रजेश कुमार गाजियाबाद में रहकर मेहनत मजदूरी करते थे। 23 मार्च को गांव में बहन काजल की शादी होनी थी। 22 मार्च की रात बहन की शादी में शामिल होने के लिए दोस्त के साथ बाइक पर आते समय हादसा हो गया था। दादरी के पास ट्रक की टक्कर से ब्रजेश और उसके दोस्त की मौत हो गई थी। सोमवार को आनन-फानन शादी की रस्में हुईं। बहन की विदाई के बाद भाई की अर्थी उठी तो हर किसी की आंख नम हो गईं।
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ब्रजेश अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे, दो बेटियां और मां को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। छोटे-छोटे बच्चे पिता की याद में बिलख रहे हैं। सोमवार को देर शाम भाई का शव पहुंचने की सूचना पर विदा हुई बहन ससुराल से लौटकर मायके आई। भाई के शव को देखकर वह बार-बार बेहोश हो रही थी।
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परिवार के सामने आर्थिक संकट
ब्रजेश का एक कमरे का मकान है। इसके बाद तिरपाल डली हुई है। उसमें ब्रजेश की पत्नी, बच्चे और मां रहती हैं। ब्रजेश चार भाइयों में सबसे बड़ा था। तीन भाई अलग मकान में रहते हैं। पिता का कई वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।