{"_id":"67d2dd543e057e270401464a","slug":"the-markets-remained-busy-till-late-evening-a-lot-of-shopping-was-done-etah-news-c-163-1-eta1002-130942-2025-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: देर शाम तक गुलजार रहे बाजार, हुई जमकर खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: देर शाम तक गुलजार रहे बाजार, हुई जमकर खरीदारी
Thu, 13 Mar 2025 06:57 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 13 Mar 2025 06:57 PM IST
विज्ञापन
शहर के हाथी गेट बाजार में बृहस्पतिवार को होली की खरीदारी को उमड़ी भीड़-
- फोटो : शहर के हाथी गेट बाजार में बृहस्पतिवार को होली की खरीदारी को उमड़ी भीड़
एटा। हाेली की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं जनपद में शुक्रवार को होली खेली जाएगी। इससे पहले बृहस्पतिवार को देर शाम तक बाजार गुलजार रहे। घंटाघर, बाबूगंज, हाथी गेट स्थित दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
बृहस्पतिवार से होली के अवकाश शुरू हुए, जो लोग पहले खरीदारी नहीं कर सके थे, सुबह से सामान खरीदने के लिए निकल पड़े। कोई रंग-गुलाल, पिचकारी खरीद रहा था तो कोई कपड़े। बाजारों में रेडीमेड कपड़ों की बिक्री में जमकर उछाल आया। होली पर नए कपड़े पहनकर होली मिलन की परंपरा है।
पुरुष दुकानों पर पहुंचकर जींस, पेंट, शर्ट, टीशर्ट, कुर्ता-पायजामा खरीद रहे थे, तो महिलाएं साड़ियां, लहंगा और युवतियां व किशोरियां जींस टॉप सहित अन्य परिधान खरीदतीं दिखीं। साथ ही बच्चों से लेकर युवा रंग-गुलाल, पिचकारी, गुब्बारे, मुखौटे, रंग-बिरंगे बालों की कैप आदि खरीदने में व्यस्त रहे।
विज्ञापन
इसके अलावा गुझिया बनाने के लिए लोग मावा लेने भी पहुंचे। मांग अचानक बढ़ने से खोवा के दाम भी चढ़ गए। एक सप्ताह पहले तक 280 रुपये किलो के भाव पर स्थिर रहा मावा बृहस्पतिवार को 300 से 320 रुपये किलो तक बिका। मिठाई विक्रेताओं के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र से दूध की आवक कम होने से मावा के दाम में उछाल आया है। नमकीन, ड्राई फ्रूट्स और शीतल पेय पदार्थों की बिक्री भी खूब हुई। होली पर मेहमानों की खातिरदारी के लिए तरह-तरह की नमकीन, सूखे मेवों और ठंडाई की तैयारी लोगों ने की।
15 से 20 रुपये में बिका जौ का बंडल
सुबह से लेकर देर रात तक लोगों ने पूजा के लिए जौ की बालें खरीदी। इसके अलावा बाजारों में गुलरी तथा पूजा के सामान की भी बिक्री हुई। जौ को होली की पूजा में विशेष महत्व दिया जाता है। फसल को ईश्वर को अर्पित करना इसका मंतव्य है। गांव में भले ही लोगों को अपने खेतों से जौ आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन शहर में लोगों को पूजा के लिए इन्हें बाजार में तलाशना पड़ा। लोगों की मांग देखते हुए कई दुकान, हथठेल पर इनकी बिक्री की गई। 15 से 20 रुपये में जौ का एक बंडल बनाकर बेचा जा रहा था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार से होली के अवकाश शुरू हुए, जो लोग पहले खरीदारी नहीं कर सके थे, सुबह से सामान खरीदने के लिए निकल पड़े। कोई रंग-गुलाल, पिचकारी खरीद रहा था तो कोई कपड़े। बाजारों में रेडीमेड कपड़ों की बिक्री में जमकर उछाल आया। होली पर नए कपड़े पहनकर होली मिलन की परंपरा है।
विज्ञापन
पुरुष दुकानों पर पहुंचकर जींस, पेंट, शर्ट, टीशर्ट, कुर्ता-पायजामा खरीद रहे थे, तो महिलाएं साड़ियां, लहंगा और युवतियां व किशोरियां जींस टॉप सहित अन्य परिधान खरीदतीं दिखीं। साथ ही बच्चों से लेकर युवा रंग-गुलाल, पिचकारी, गुब्बारे, मुखौटे, रंग-बिरंगे बालों की कैप आदि खरीदने में व्यस्त रहे।
विज्ञापन
इसके अलावा गुझिया बनाने के लिए लोग मावा लेने भी पहुंचे। मांग अचानक बढ़ने से खोवा के दाम भी चढ़ गए। एक सप्ताह पहले तक 280 रुपये किलो के भाव पर स्थिर रहा मावा बृहस्पतिवार को 300 से 320 रुपये किलो तक बिका। मिठाई विक्रेताओं के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र से दूध की आवक कम होने से मावा के दाम में उछाल आया है। नमकीन, ड्राई फ्रूट्स और शीतल पेय पदार्थों की बिक्री भी खूब हुई। होली पर मेहमानों की खातिरदारी के लिए तरह-तरह की नमकीन, सूखे मेवों और ठंडाई की तैयारी लोगों ने की।
15 से 20 रुपये में बिका जौ का बंडल
सुबह से लेकर देर रात तक लोगों ने पूजा के लिए जौ की बालें खरीदी। इसके अलावा बाजारों में गुलरी तथा पूजा के सामान की भी बिक्री हुई। जौ को होली की पूजा में विशेष महत्व दिया जाता है। फसल को ईश्वर को अर्पित करना इसका मंतव्य है। गांव में भले ही लोगों को अपने खेतों से जौ आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन शहर में लोगों को पूजा के लिए इन्हें बाजार में तलाशना पड़ा। लोगों की मांग देखते हुए कई दुकान, हथठेल पर इनकी बिक्री की गई। 15 से 20 रुपये में जौ का एक बंडल बनाकर बेचा जा रहा था।