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गांव की सरकार चलाएंगी महिलाएं
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:23 PM IST
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अब महिलाएं घर ही नहीं गांव की सरकार भी चलाएंगी। गांव के विकास की चाह लेकर चुनाव मैदान में उतरने वाली महिलाओं के हाथों मतदाताओं ने गांव के विकास की बागडोर सौंपी है। आरक्षित सीटों के अतिरिक्त अन्य 72 सीटों पर भी महिला उम्मीदवार प्रधान चुनी गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति नजरिए में बदलाव आ रहा है। जो महिलाएं अब तक घर के चूल्हे चौके तक सिमटी हुई थीं, वो अब राजनीति के क्षेत्र में भी दिलचस्पी दिखाने लगी हैं। इसमें उनके परिवार का सहयोग भी मिल रहा है। पंचायत चुनाव में 423 ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार चुनने को वोट डाले गए।
इन ग्राम पंचायतों में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए 132 पद आरक्षित किए गए। इन पदों पर तो महिलाएं प्रधानी पद की दावेदार थी हीं। इनके अलावा अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षित सीटों पर भी काफी संख्या में महिलाएं चुनाव मैदान में उतरीं। पुरुष प्रत्याशियों के साथ होने वाले मुकाबलों में महिलाओं ने अपने प्रचार अभियान के दौरान ग्रामीणों के बीच अपने को साबित किया। महिला उम्मीदवार ग्रामीणों को गांव के विकास का भरोसा दिलाने में कामयाब हो गई। महिलाएं अपने लिए आरक्षित पदों के अतिरिक्त 72 अधिक पदों पर जीत हासिल करने में सफल हो गईं। जिले की 423 ग्राम पंचायतों में से 204 सीटों पर आधी आबादी ने कब्जा किया है। पंचायत चुनाव में यह पहली बार है जब इतनी अधिक संख्या में महिलाओं ने प्रधानी का चुनाव जीता है। चुनाव जीतने वाली महिलाएं अब इस नई जिम्मेदारी से काफी खुश भी हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति नजरिए में बदलाव आ रहा है। जो महिलाएं अब तक घर के चूल्हे चौके तक सिमटी हुई थीं, वो अब राजनीति के क्षेत्र में भी दिलचस्पी दिखाने लगी हैं। इसमें उनके परिवार का सहयोग भी मिल रहा है। पंचायत चुनाव में 423 ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार चुनने को वोट डाले गए।
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इन ग्राम पंचायतों में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए 132 पद आरक्षित किए गए। इन पदों पर तो महिलाएं प्रधानी पद की दावेदार थी हीं। इनके अलावा अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षित सीटों पर भी काफी संख्या में महिलाएं चुनाव मैदान में उतरीं। पुरुष प्रत्याशियों के साथ होने वाले मुकाबलों में महिलाओं ने अपने प्रचार अभियान के दौरान ग्रामीणों के बीच अपने को साबित किया। महिला उम्मीदवार ग्रामीणों को गांव के विकास का भरोसा दिलाने में कामयाब हो गई। महिलाएं अपने लिए आरक्षित पदों के अतिरिक्त 72 अधिक पदों पर जीत हासिल करने में सफल हो गईं। जिले की 423 ग्राम पंचायतों में से 204 सीटों पर आधी आबादी ने कब्जा किया है। पंचायत चुनाव में यह पहली बार है जब इतनी अधिक संख्या में महिलाओं ने प्रधानी का चुनाव जीता है। चुनाव जीतने वाली महिलाएं अब इस नई जिम्मेदारी से काफी खुश भी हैं।
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